Let’s travel together.

विकास के इंतजार में खारी-देवरी के ग्रामीण:पानी के लिए बावड़ी और पत्थरों के मध्य झिर का सहारा

0 225

-स्कूल,अस्पताल,बाजार 15 किमी दूर

रिपोर्ट धीरज जॉनसन, दमोह

ग्रीष्मकाल प्रारंभ होते ही जिले के विभिन्न स्थानों में पेयजल की कमी होने लगती है जिसकी पूर्ति के लिए ग्रामीणों को मशक्कत करना पड़ती है हालांकि जिले में नल जल योजना प्रगति पर है परंतु कुछ ऐसे गांव है पेयजल की कमी के साथ साथ तालाब या अन्य संसाधन न होने से कृषक जीवन भी प्रभावित हुआ है और वे मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में समय बिता रहे है साथ ही विकास और परिवर्तन की बाट जोह रहे हैं।

नरसिंहपुर और जबलपुर जिले की सीमा के निकट और जिला मुख्यालय से लगभग 95-96 किमी दूर तेंदूखेड़ा तहसील की ग्राम पंचायत चंदना के अंतर्गत आने वाले देवरी और खारी गांव पानी के लिए जद्दोजहद करते प्रतीत होते है।

लगभग 250 से 300 की जनसंख्या वाले ग्राम देवरी में पानी का मुख्य स्रोत यहां बनी हुई प्राचीन बावड़ी है जिसके बाहर और भीतर नक्काशी,कलाकृति और पत्थरों पर सुंदर बनावट भी दिखाई देती है वैसे तो इसके चारो ओर से नीचे तक जाने के लिए सीढ़िया बनी हुई है पर बावड़ी कहीं कहीं टूटी हुई भी है। ग्रामीण प्रतिदिन इन्हीं सीढ़ियों से नीचे पहुंचकर पानी भरते है हालांकि गर्मियों में पानी कम हो जाता है पर इसके कुंड का पानी खाली नहीं होता है।

स्थानीय निवासी गोवर्धन,मुन्ना,परम का कहना है कि बावड़ी ही मुख्य जल का स्रोत है, सभी इसके पानी का इस्तेमाल करते है नल और कुएं में पानी की कमी है। गांव में तालाब भी नहीं है अन्य विकास भी कम ही हुआ है कभी कभी आस पास के लोग भी यहां पानी भरने आते है।

बावड़ी से कुछ दूरी पर नक्काशीदार स्तंभ, कलाकृति और प्रतिमाएं भी दिखाई देती है जो अनुमानित बारहवीं – तेरहवीं शताब्दी की मानी जाती है।

पत्थरों के बीच प्राकृतिक
झिर, बुझाती है ग्रामीणों की प्यास

देवरी गांव से लगभग डेढ़ किमी दूर करीब 150 से 200 की जनसंख्या वाले ग्राम खारी में भी पेयजल की समस्या परिलक्षित होती है वैसे तो यहां कुएं,हैंडपंप है और पानी की टंकी का निर्माण कार्य प्रारंभ है परंतु ग्रामीणों का कहना था कि हैंडपंप का पानी गंदा है और कुछ देर बाद ही उसमे मटमैला और पीलापन दिखाई देने लगता है कुएं में पानी की कमी है,गर्मियों के समय में झिरिया का पानी ही सहारा है जिसका उपयोग वे काफी पहले से करते आ रहे है।

यह झिरिया भी गांव से कुछ दूरी पर खुले और पथरीले स्थान पर दिखाई देती है जहां ग्रामीण डिब्बे लेकर पैदल या साइकिल से पहुंचते है परंतु इस प्राकृतिक जल स्रोत से धारा बहुत ही सकरे स्थान से आती है जिसका पानी छोटे से स्थान में जमा होता है ग्रामीण मग,लोटा या छोटे डिब्बे की मदद से पानी भरते हैं। अगर लगातार पानी भरा जाए तो पानी कम हो जाता है कुछ देर रुकने के बाद यह छोटा सा कुंड फिर भर जाता है।

स्थानीय निवासी रमेश, सुकई,राजकुमार का कहना है कि पिछले कई वर्षो से वे इस झिर के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं कुएं में पानी की कमी है,हैंडपंप के पानी का रंग कुछ देर में ही बदल जाता है,यह जिले के सीमा के अंतिम ग्रामों में है करीब 2 से 3 किमी तक कच्चा सड़क मार्ग है।यहां से स्कूल अस्पताल, बाजार भी लगभग 15 किमी दूर है और सभी ग्रामीण परिवर्तन और विकास का इंतजार कर रहे है।इस संबंध में ग्राम पंचायत के सचिव जवाहर बताते है कि देवरी में एक पुरानी बैहर है जो कभी खाली नहीं होती,पहले जब अन्य कोई व्यवस्था नहीं थी तब आस पास के ग्रामीण भी इससे पानी भरने आते थे। ग्राम खारी में कुएं का पानी भी इस्तेमाल होता है,हैंडपंप में पाइप और सबमर्सिबल की आवश्यकता है,गांव के समीप एक झिरिया भी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

केमफेस्ट–2026 के आचार्य पी. सी. रे. जन्म शताब्दी समारोह के द्वितीय दिवस के अंतर्गत व्याख्यान एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित     |     जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 60वीं वार्षिक आमसभा आयोजित, वित्तीय स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर हुई चर्चा     |     दादा धूनी दरबार में आस्था का अनोखा आयोजन, धूनी में अर्पित किए सोने-चांदी के आभूषण     |     डोल ग्यारस पर निकाली गई भगवान कन्हैयालाल की भव्य शोभायात्रा     |     लगातार दूसरे वर्ष भी नही बनी सड़क, शासकीय आईटीआई पहुंच मार्ग दलदल में तब्दील, छात्र हो रहे परेशान     |     विमान में बैठ जल विहार के लिए निकले लड्डू गोपाल, नगर में जगह-जगह हुआ जोरदार स्वागत      |     CA का सपना टूटा, हौसला नहीं; अब एमपीपीएससी में चयनित होकर बने असिस्टेंट प्रोफेसर राजीव कुशवाहा      |     2 अक्टूबर को होगी रिलीज़‘ फिल्म प्रेम कीटाणु’     |     स्वर्गीय श्री रामगोपाल माहेश्वरी के नाम पर मार्ग की नामपट्टिका का उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया अनावरण     |     उमंग है तो जिंदगी में रंग है थीम पर उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 में मना उमंग दिवस     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811