नई दिल्ली । राहुल गांधी की आयोग्यता को लेकर संसद में चर्चा की मांग होने लगी है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सांसद के रूप में राहुल गांधी की अयोग्यता पर सदन में बहस की मांग की। अपने पत्र में चौधरी ने भाजपा के अमरेली सांसद नारनभाई भीखाभाई कच्छड़िया का उदाहरण दिया, जिन्हें एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने और तीन साल की जेल की सजा के बावजूद अपने पद से अयोग्य नहीं ठहराया गया था और कहा कि यह दिलचस्प है कि राहुल गांधी को अयोग्य करार दे दिया गया। उन्होंने पत्र में कहा, इस तथ्य का पता लगाने के लिए संसद में एक बहस होनी चाहिए कि क्या हमारे नेता राहुल गांधी को असंगत सजा दी गई है, जो संज्ञानात्मक असंगति या कानून की समानता की बू आती है। चौधरी ने दो शर्तो का उल्लेख किया जो एक निर्वाचित सदस्य को अयोग्य ठहराने से पहले मानी जाती हैं – सदस्य को एक अपराध के लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए, और 2 साल से कम के कारावास की सजा नहीं दी जानी चाहिए। कांग्रेस नेता ने पत्र में कहा, मेरे विचार से दूसरी शर्त जनप्रतिनिधित्व कानून के निर्धारित प्रावधान की कसौटी पर खरी नहीं उतर सकती, क्योंकि निचली अदालत ने राहुल गांधी की सजा को निलंबित कर दिया था
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