– माधव राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी में अब पन्ना की मादा बाघ को छोड़ा गया
– तीन बाघ की संख्या हुई पूरी
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में तीसरे टाईगर की भी आमद हो गई है। यहां पर सोमवार व मंगवार की रात्रि को पन्ना से लाई गई मादा बाघ को बाड़े में छोड़ा गया। नेशनल पार्क में पहले चरण में एक नर और एक मादा टाइगर छोडे गये थे। मध्यरात्रि लगभग 12 बजे पन्ना से लाई गई मादा टाइगर को बाड़े में छोड़ा गया है। पन्ना से आई मादा टाइगर बाडे में पूरी तरह से स्वस्थ है। मुख्य वन संरक्षक एवं परियोजना के संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघ पुनर्स्थापना के अन्तर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व की मादा बाघ क्रमांक 141 (12)(12) मध्यरात्रि लगभग 12 बजे परिक्षेत्र पूर्व के अन्तर्गत स्थित टाइगर बाड़े में छोड़ दी गई है। यह मादा बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। इस मौके पर अनिल कुमार सोनी सहायक संचालक, डॉ. जितेन्द्र कुमार जाटव पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, परिक्षेत्र अधिकारी एवं अधीनस्थ स्टाफ भी उपस्थित रहा।
बलारपुर में बनाए गए बाड़े में अब तीन टाईगर की गूंजेगी दहाड़-
शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में बीते 10 मार्च को सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने यहां पर दो टाईगर को छोड़ा था। इनमें एक नर और एक मादा बाघ को माधव नेशनल पार्क के बाड़े में छोड़ा था। लेकिन अब एक बाघिन को और लाया गया है। अब इस माधव नेशनल पार्क में आज से दो नहीं तीन बाघों की दहाड़ गूंजेगी। बीती रात पन्ना टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन को बाड़े बीती रात 12 बजे छोड़ दिया गया है। अधिकारियों ने बताया है कि सोमवार की दोपहर साढ़े तीन बजे पन्ना टाइगर रिजर्व से एक दो साल की बाघिन क्रमांक 141 (12) को माधव नेशनल पार्क के लिए एक ट्रक के जरिये रवाना किया गया था।
तीन बाघ की संख्या हुई पूरी-
शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में बाघ बसाए जाने की योजना के तहत तीन बाघ लाए जाने थे लेकिन पन्ना की बाघिन को यहां पर शिफ्ट करने में आई समस्या के बाद 10 मार्च को केवल दो ही टाईगर छोड़े गए थे। अब माधव राष्ट्रीय उद्यान में टाइगर पुनर्स्थापना के पहले चरण के तीन बाघों की संख्या पूरी हो गई है। एक बाघिन को पन्ना टाइगर रिजर्व से 10 मार्च को ही माधव राष्ट्रीय उद्यान में पहुंच जाना था, लेकिन स्वस्थ बाघिन को ढूंढ न पाने के कारण नहीं भेजा जा सका था। अगले दिन जो बाघिन मिली वह घायल अवस्था में थी इसलिए उसे भी नहीं भेजा जा सका। अब तीन दिन बाद पन्ना टाइगर रिजर्व में चंद्रनगर रेंज के मोटाचौकन से एक नई स्वस्थ बाघिन को ट्रेस कर लिया गया था। बाघिन पी-141 (12) की उम्र दो साल है।
पन्ना से लाई गई है बाघिन-
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में इस बाघिन को 10 मार्च को लाए जाने की योजना थी लेकिन उस समय इसे यहां पर नहीं लाया जा सका। बाघिन का नाम राजकुमारी है और इसकी बागिन संख्या क्रमांक 141 (12) को शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में भेजा गया है। बताया जाता है कि 2 साल की उम्र वाली बाघिन जिसे राजकुमारी नाम से जाना जाता है उसे रानी बनाने के लिए शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क के लिए भेजा गया है।