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15 दिन से अंधेरे में ग्राम पठा पौड़ी, बिजली-पानी को लेकर तहसील कार्यालय पर सैकड़ों ग्रामीणों का धरना

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विद्युत विभाग पर मनमानी के आरोप तहसीलदार का बयान धरना-आंदोलन से नहीं मानी जाएंगी मांगें

सिलवानी रायसेन। विकासखंड सिलवानी के ग्राम पठा पौड़ी में पिछले करीब 15 दिनों से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। बिजली बंद होने के कारण जहां नल-जल योजना ठप पड़ी है, वहीं बच्चों की पढ़ाई, किसानों का कामकाज और ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने शुक्रवार को सिलवानी तहसील कार्यालय के सामने सैकड़ों की संख्या में धरना शुरू कर दिया।
धरने का नेतृत्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी के तत्वावधान में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी (एमपीवी) पर बिना सूचना लाइन काटने और शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं करने का आरोप लगाया। है

धरने की सूचना पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल भी मौके पर पहुंचे। विधायक ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उपस्थित अधिकारियों से चर्चा की। विधायक ने दूरभाष पर वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर बिजली आपूर्ति बहाल करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात की । कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजय पटेल ने बताया कि गांव में नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण हो चुका है, बह बंद पड़ी है आज तक नलजल योजना चालू ही नहीं हुई गमीण बिजली नहीं होने के कारण एक बूंद पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज भटकना पड़ रहा है।

मृत ग्रामीणों के नाम पर भी आ रहे बिजली बिल
धरने में यह गंभीर आरोप भी सामने आया कि करीब 10 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुके ग्रामीणों के नाम पर भी बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं। वहीं गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को 2 से 3 हजार रुपए तक के बिल थमाए जा रहे हैं, जबकि नियमानुसार उन्हें 100 रुपए प्रतिमाह का ही बिल आना चाहिए ग्रामीणों ने बताया कि गांव का एक विद्युत डी-पी पिछले एक साल से खराब पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद आज तक न तो बदला गया और न ही मरम्मत कराई गई।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मांग की कि विद्युत विभाग के सुपरवाइजर को मौके पर बुलाकर जनसंवाद कराया जाए, ताकि समस्या का तत्काल समाधान निकल सके।

ग्रामीणों ने आरोप है कि तहसीलदार सुधीर शुक्ला ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा “इस तरह धरना-आंदोलन से आपकी मांगें नहीं मानी जाएंगी।तहसीलदार के बयान से भड़के और ग्रामीणों ने तहसीलदार के इस रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने धरना स्थल पर प्रशासन तेरी तानाशाही नहीं चलेगीबिजली दो पानी दो जैसे नारे लगाकर विरोध तेज कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और नल-जल योजना शुरू नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जायेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

 

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