सांसद प्रतिनिधि ने कहा- रंजिशन हम पति-पत्नी पर हुई कार्रवाई
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी में सांसद डॉ. केपी यादव के प्रतिनिधि रामजी व्यास एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास पर अवैध कॉलोनी के मामले में हुई एफआईआर के मामले में हाइकोर्ट ने स्टे दे दिया। इस स्टे में उपाध्यक्ष और उनके पति को दो माह की राहत मिल गई है। इस मामले में सांसद प्रतिनिधि के वकील ने इस मामले को जिला राजनीति के चलते होने की दलील पैश की थी, जिसके चलते कोर्ट ने इस मामले में स्टे आर्डर दिया है।
विदित हो कि अवैध कॉलोनी निर्माण के मामले को लेकर बीते 26 दिसंबर को एडीएम विवेक रघुवंशी के कार्यालय से सांसद प्रतिनिधि और नपा उपाध्यक्ष के खिलाफ नोटिस जारी हुआ, जिसमें 2 जनवरी को जवाब प्रस्तुत करना था। इसी दौरान 16 जनवरी को रामजी व्यास और सरोज व्यास पर एफ आईआर दर्ज करने की कार्रवाई के निर्देश एडीएम विवेक रघुवंशी ने सीएमओ केशव सगर को दिए, जिसके बाद फिजिकल थाने में मामला दर्ज कराया गया। इस संबंध में सांसद प्रतिनिधि रामजी व्यास ने हाईकोर्ट में अपील की और वहां से उन्हें फिलहाल 2 महीने की राहत मिल गई है, क्योंकि कोर्ट ने 2 माह बाद सुनवाई की तारीख लगाई है। हालांकि स्टे में कोर्ट ने प्रशासन के इस निर्णय को सही नहीं माना है तथा यह भी माना है कि एडीएम को एफआइआर का अधिकार नहीं है। अब इसका फैसला मार्च के अंत में होने वाली सुनवाई पर निर्भर होगा। वहीं दूसरी ओर सांसद प्रतिनिधि रामजी व्यास ने बताया कि मप्र में सबसे जल्द एफआईआर का आदेश करने और मामला दर्ज कराने की कार्रवाई रंजिशन हम पति-पत्नी पर हुई। कोर्ट ने स्टे देकर सिद्ध कर दिया है कि हम सही थे।