वर्षों पहले अवैध कालोनियों में किसी भी तरह का विकास कार्य भी नहीं कराया जा सकता था और ऐसा करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तह कार्रवाई भी होती थी। मगर उसके बाद नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए कि अवैध कालोनियों में भी वे रहवासी संघों के आवेदन पर विकास कार्य कर सकते हैं जिसके चलते नगर निगम ने भी शहर की कई अवैध कालोनियों में मूलभूत सुविधाएं सड़क बिजली पानी ड्रैनेज की सुविधाएं उपलब्ध कराई और अभी विधानसभा चुनाव के चलते शासन के निर्देश पर भोपाल सहित प्रदेशभर में अवैध कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। निगम सीमा में शामिल अवैध कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया निगम के कालोनी सेल ने शुरू कर दी है। वहीं अब विद्युत वितरण कम्पनी अवैध कालोनियों में रहने वाले लोगों को स्थायी वैध विद्युत कनेक्शन भी उपलब्ध करा रही है। इसमें 500 से लेकर 1000 1500 स्क्वेयर फीट के भूखंड स्वामियों से ली जाने वाली राशि भी तय कर दी गई है जिसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर रजिस्ट्रेशन सिक्युरिटी डिपॉजिट मीटर चार्ज और सप्लाय फ्लो जैसे 5 मदों में यह राशि ली जाएगी और कुल 500 स्क्वेयर फीट के भूखंंड स्वामी को 35123 रुपए तो 1000 स्क्वेयर फीट पर यह राशि 52124 और 1500 स्क्वेयर फीट के भूखंड पर बने मकान मालिक से 72560 रुपए का कुल शुल्क लिया जाएगा। इसके एवज में 500 फीट के भूखंड पर दो किलोवॉट एक हजार स्क्वेयर फीट के मकान को तीन किलोवॉट और 1500 स्क्वेयर फीट तक के मकानों को 4 किलोवॉट का वैध कनेक्शन देंगे। इसके अलावा अगर पूरी कालोनी के रहवासी एक साथ सामुहिक आवेदन भी वैध कनेक्शन के लिए करते हैं तो इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य खर्च का आंकलन कर बिजली कम्पनी निर्धारित शुल्क जमा करवाकर पूरी कालोनी के रहवासियों को भी एक साथ वैध कनेक्शन दे सकेगी। इसमें जो कुल खर्चा होगा वह सभी रहवासी आपस में बांट लेंगे।