–10 महीने से मुश्काबाद गांव के ग्रामीण पानी के लिए थे परेशान
सलामतपुर रायसेन से अदनान खान की रिपोर्ट
एक बार फिर एमपी टुडे वेबसाइट की खबर पर पीएचई विभाग के ज़िम्मेदार अधिकारी नींद से जागे हैं। और 10 महीने से पीने के पानी के लिए परेशान मुश्काबाद गांव के ग्रामीणों की सुध ली है। सांची जनपद के मुश्काबाद गांव में नलजल योजना के अंतर्गत 10 महीने पहले बनाई गई पानी की टंकी शोपीस बनी हुई थी। क्योंकि यहां पर टंकी तो बना दी गई थी। लेकिन पाईप लाईन नही बिछाई गई थी। जिसकी वजह से महिलाओं को पानी भरने के पहाड़ से काफी नीचे जाना पड़ता था। जिसमें समय के साथ ही उन्हें परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा था।

गौरतलब है कि सरकार ग्रामीण अंचलों में जल जीवन मिशन के तहत हर घर में टोंटी से पानी पहुंचाने का दावा कर रही है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आज भी अनेकों गांव पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। हालात यह है कि ग्रामीणों को दूर-दूर से पीने का पानी लाकर प्यास बुझाना पड़ रही है। और तो और सर्दी के मौसम के दौरान भी कई क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति बनी हुई है। ऐसा ही कुछ हाल सांची विकासखंड के गांव मुस्काबाद में है जहां पिछले कई सालों से पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीणों को संघर्ष करना पड़ता है। क्योंकि गांव पहाड़ी किनारे ऊंचाई पर बसा हुआ है। गांव की महिलाओं को काफी नीचे से पानी को हैंडपंप ट्यूबवेल से भरकर ऊंचाई पर लाना पड़ता है। पानी की एक-एक बूंद के लिए महिलाओं को प्रतिदिन जद्दोजहद करना पड़ती है। गांव में पीने के पानी के लिए पीएचई विभाग द्वारा नल जल योजना योजना की स्वीकृति मिली। जैसे गांव में पानी की टंकी बनी तो ग्रामीणों ने राहत की सांस ली कि अब समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन पानी की समस्या वहीं की वहीं है। जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे।

एमपी टुडे वेबसाइट ने 2 दिसंबर को सांची जनपद के मुश्काबाद में नलजल योजना ठप, टंकी बनी शोपीस ट्यूबवेल के सहारे पूरा गांव शीर्षक के साथ प्राथमिकता से अपने वेबसाइट में प्रकाशित किया था। जिस पर पीएचई विभाग के जिम्मेदारों ने मामले की सुध लेते हुए मुश्काबाद गांव में पाईप लाईन बिछवाना शुरू कर दिया है। पाईप लाइन बिछते ही गांव की ज़ाहिदा बी, सुमेर बाई और महेंद्र विश्वकर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए समस्या का समाधान कराने के लिए एमपी टुडे वेबसाइट का आभार व्यक्त किया है।