अभिषेक असाटी बकस्वाहा छतरपुर
बक्सवाहा विकासखंड से 25 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बाजना के बीचों-बीच बना पुल क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में है। यह पुल लगभग 50 वर्ष पुराना है इस पुल के ऊपर गड्ढे एवं पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने के कारण कोई भी वाहन एवं राहगीर चलने से कतराते हैं पुल पर बड़े बड़े गहरे गड्ढों के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। इसी पुल के ऊपर से छतरपुर से कटनी हटा बिजावर बक्सवाहा के लिए बस निकलती है एवं पुल के ऊपर से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी को अपने स्कूल तक जाने के लिए इसी पुल का सहारा लेना पड़ता है कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के बच्चे अपने स्कूल का पैदल ही इसी पुल के रास्ते से होकर गुजरते है। रास्ता अधिक जर्जर होने के कारण दो-तीन दिन पहले ग्राम पंचायत बाजना के सरपंच ने बड़े-बड़े गड्ढों में मिटटी डलवा दी मिट्टी डलने के कारण उस मिट्टी में दलदल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई जिसके बाद अब वहां से निकलने में और भी कठिनाइयां होने लगी अब तो यही स्थिति हो गई है कि छोटे चार पहिया वाहन वहां से नहीं गुजर सकते क्योंकि छोटे वाहन उस दलदल में ही फस जाते हैं बरसात गुजर जाने के बाद इस पुल पर हादसो की स्थिति निर्मित रहती है स्थानीय निवासीयो का कहना है नया पुल लगभग 5-6 वर्ष पहले बनकर तैयार हो गया था लेकिन पुल में कुछ कमी रह जाने के कारण उसे आज तक चालू नहीं किया क्या।
ग्राम वासियों ने सुनाई आपबीती
बाजना ग्राम पंचायत के रहवासी सत्यम खरे, राजू जैन, लकी जैन, छोटू जैन, नीरज चौबे से जब जानकारी ली गई तो उनका कहना है कि आजादी के 75 साल बीत जाने के बावजूद भी हमारी पंचायत में आज तक विकास को लेकर कोई बादे पूर्ण नहीं किए गए। चुनाव के वक्त जनप्रतिनिधि आते हैं बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन बादे सिर्फ चुनाव होने के बाद पोटली में बंद हो जाते हैं एक तरफ सरकार बड़ी-बड़ी विकास के वादे करती है लेकिन हमारी पंचायत की समस्याओं को आज तक जनप्रतिनिधि ने न ही देखा है और ना ही सुना है और ना ही कराया है।
इस मामले में राहुल सजाडिया अनुबिभागीय अधिकारी का कहना है कि संबंधित बिभाग को पत्र जारी कर जाँच करवाता हूँ उचित कार्यवाही की जाएगी।