उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला, शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह के प्रयत्नो से भारत वापसी हुई संभव
मनोज कुमार द्विवेदी अनूपपुर
पिछले 15 अक्टूबर से दुबई के अल – जहरा हास्पिटल मे भर्ती ज्ञानेन्द्र पुत्र श्री राजेन्द्र तिवारी ,अनूपपु्र ,मप्र को लंबे संघर्ष और केन्द्र तथा राज्य सरकार के सहयोग से 5 नवम्बर की प्रात: 4 बजे भारत लाया गया। उन्हे एम्स ,दिल्ली मे भर्ती करवाया गया है।
उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और वे कोमा मे हैं । परिजनों सभी प्रियजनों ,शुभ चिंतकों, मित्रों से करबद्ध निवेदन किया है कि अपनी प्रार्थना मे ज्ञानेन्द्र को शामिल करें और उनकी जीवन रक्षा के लिये ईश्वर से प्रार्थना करें।
दुबई में पिछले 22 दिन से जिंदगी की जंग लड़ रहे अनूपपुर के ज्ञानेंद्र तिवारी की वतन वापसी का रास्ता लंबे संघर्ष के बाद खुल गया और वे एयर एंबुलेंस से 4 – 5 नवंबर की देर रात दिल्ली लाए गये।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला , शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह के साथ भाजपा और संघ के शीर्ष नेताओं के सतत प्रयासों से मिली सफलता के बाद राहत की सांस लेते हुए परिवार के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , मुख्यमंत्री डा मोहन यादव सहित केंद्र एवं प्रदेश सरकार के सहयोग के लिये आभार जताया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अनूपपु्र के जिला संघ चालक राजेन्द्र तिवारी के सुपुत्र ज्ञानेन्द्र दुबई के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। 15 अक्टूबर को दुबई मे हृदयाघात और फिर ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हे गंभीर हालत मे अल – जहरा हास्पिटल मे भर्ती करवाया गया था। वहाँ से उन्हे भारत लाना परिवार के लिये बडा चैलेंज था।
ईश्वरीय मदद के रुप मे मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा , भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री श्याम महाजन के लगातार प्रयासों के बाद ज्ञानेंद्र को एयर एंबुलेंस के माध्यम से दुबई से भारत आज देर रात लगभग 3 बजे लाकर दिल्ली एम्स मे भर्ती करवाया गया है।
पेशे से शिक्षक राजेंद्र तिवारी के पुत्र ज्ञानेंद्र तिवारी 15 अक्टूबर से दुबई के अल-जहरा अस्पताल में भर्ती थे। उनकी नाजुक हालत के चलते लगातार उपचार जारी है। विदेश में उपचार और अस्पताल का प्रतिदिन लगभग 4 लाख रुपये का खर्च परिवार के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन गया था। इससे पहले इलाज पर लाखों रुपये खर्च होने की जानकारी भी सामने आई थी।
ज्ञानेंद्र को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए भाजपा नेता मनोज द्विवेदी सहित परिजनो और शुभचिंतकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से सोशल मीडिया के माध्यम से मदद की गुहार लगाई थी। इस अपील को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला। इसके बाद केंद्र सरकार के स्तर पर आवश्यक पहल और समन्वय के सफल प्रयास किए गए।

ज्ञानेंद्र की स्वदेश वापसी के लिए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह लगातार सक्रिय रहे। इसके साथ ही सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों ने भी हर स्तर पर सहयोग और प्रयास किए। इस पूरे मामले में आरएसएस के राष्ट्रीय पदाधिकारी दीपक विस्पुते, महाकौशल प्रांत के प्रमुख ब्रजकांत सहित अनेक लोगों ने परिवार को सहयोग प्रदान किया। संकट की इस घड़ी में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों की सक्रियता से परिवार को बड़ी राहत मिली है।
ज्ञानेंद्र की एयर एंबुलेंस से भारत वापसी की व्यवस्था होने पर परिवार एवं शुभचिंतकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, सांसद हिमाद्री सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।इसके अलावा आरएसएस के राष्ट्रीय पदाधिकारी दीपक विस्पुते, भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, महाकौशल प्रांत के प्रमुख ब्रजकांत तथा इस कठिन समय में साथ खड़े रहे सभी परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को भी धन्यवाद दिया गया है।
करीब 22 दिनों से दुबई में अपने बेटे के उपचार और सुरक्षित वापसी की चिंता में परेशान परिवार को अब नई उम्मीद मिली है। एयर एंबुलेंस से दिल्ली पहुंचने के बाद एम्स में आगे के उपचार की व्यवस्था की गयी है। परिवार और अनूपपुर के लोग ज्ञानेंद्र के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
एक बेटे को सुरक्षित वतन वापस लाने के लिए परिवार की लंबी जद्दोजहद के बाद मिली यह राहत पूरे अनूपपुर के लिए भावुक कर देने वाली खबर है। अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाले उनके आगामी उपचार पर टिकी हैं।