सर्दी की दस्तक के साथ दाल मिल चौराहे के तालाब में दिखा सफेद पक्षियों का झुंड, प्रवासी पक्षियों की बढ़ने लगी चहलकदमी
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर दीवानगंज के पास तालाब में सुबह से अठखेलियां करते नजर आए पक्षी, सर्द मौसम में हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचते हैं प्रवासी परिंदे
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सर्द मौसम की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र के छोटे-बड़े तालाबों और जलाशयों में पक्षियों की चहलकदमी बढ़ने लगी है। सोमवार सुबह भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज के पास स्थित दाल मिल चौराहे के एक छोटे से तालाब में सफेद पक्षियों का झुंड विचरण करता नजर आया। तालाब के पानी में तैरते और आसपास अठखेलियां करते इन पक्षियों को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान भी उनकी ओर आकर्षित हुआ।
सर्दी के मौसम में देश के विभिन्न हिस्सों के तालाबों, झीलों और नमभूमि क्षेत्रों में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। साइबेरिया, यूरोप, तिब्बत और लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्रों से कई प्रजातियों के पक्षी हजारों किलोमीटर का सफर तय कर अनुकूल जलवायु और भोजन की तलाश में भारत पहुंचते हैं। इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के कारण भोजन की उपलब्धता कम हो जाती है। ऐसे में पक्षी अपेक्षाकृत गर्म इलाकों का रुख करते हैं।
तालाब बनते हैं पक्षियों का आशियाना
गांवों के तालाब, झीलें और नमभूमि प्रवासी पक्षियों के लिए अनुकूल ठिकाने साबित होते हैं। यहां उन्हें मछलियां, छोटे जलीय जीव, कीड़े-मकोड़े, बीज और अन्य प्राकृतिक भोजन आसानी से मिल जाता है। पानी और आसपास का शांत वातावरण उन्हें कुछ समय ठहरने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराता है।
प्रकृति की खूबसूरती बढ़ाते हैं प्रवासी परिंदे
सर्दियों में इन पक्षियों का आगमन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को भी बढ़ाता है। स्थानीय लोगों के लिए तालाब में एक साथ सफेद पक्षियों का झुंड देखना आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, जलाशयों को स्वच्छ रखना और पक्षियों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि हर साल आने वाले इन परिंदों को अनुकूल वातावरण मिल सके।