कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जनजातीय शिल्पकार नामिका मेले का किया निरीक्षण, महिला शिल्पकारों से किया संवाद
– बूढ़ाडोंगर की महिलाओं के जैकेट की सराहना, ट्राइफेड से बाजार उपलब्ध कराने पर हुई चर्चा
– मानस भवन में लगे स्टॉलों में दिखी जनजातीय संस्कृति की झलक, जड़ी-बूटी से लेकर बरी-पापड़ तक प्रदर्शित
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने मानस भवन में आयोजित जनजातीय शिल्पकार नामिका मेले का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के स्टॉलों पर पहुंचकर संवाद किया और उत्पादों का अवलोकन किया।
कलेक्टर ने जिले के विकासखंडों के विभिन्न गांवों से आई महिला शिल्पकारों के प्रयासों की सराहना की। जनजातीय महिलाओं को उनके उत्पादों का उचित और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने ट्राइफेड के प्रतिनिधियों से चर्चा की।
बूढ़ाडोंगर बदरवास की महिलाओं द्वारा निर्मित जैकेट की कलेक्टर ने विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने ट्राइफेड अधिकारियों से कहा कि यदि इन जैकेट को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा तो महिलाओं को उचित मूल्य मिलेगा और उत्पाद को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। मेले में स्थानीय निर्माण प्रक्रिया और संस्कृति की झलक के साथ विभिन्न रोगों के उपचार के लिए जड़ी-बूटियों का भी प्रदर्शन किया गया।
मेले में ग्रामीण महिलाओं ने शुद्ध सरसों और मूंगफली का तेल, खजूर की झाड़ू, सूखा आंवला, मक्का, पौष्टिक दलिया, राजकुमारी आदिवासी द्वारा तैयार पारंपरिक डलियां और बरी-पापड़ जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए।
कलेक्टर ने कहा कि ऐसे मेलों से जनजातीय महिलाओं की आजीविका मजबूत होगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। जिला प्रशासन की ओर से उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी।
इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ विजय राज, आजीविका मिशन के डीपीएम डॉ. अरविंद भार्गव, ट्राइफेड के सहायक प्रबंधक पी.एम. खदाने और जी.के. रजक सहित स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।