नकली शराब से मौतों के बाद आबकारी विभाग अलर्ट, गांव-गांव पहुंचकर लोगों को बता रहा असली और नकली शराब की पहचान
सागर और देवास में जहरीली शराब से मौतों के बाद जागरूकता अभियान तेज, ग्राम भारतीपुर में ग्रामीणों को दी गई जानकारी
रायसेन। सागर और देवास में नकली शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद प्रदेश का आबकारी विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अवैध और मिलावटी शराब के खतरों से लोगों को बचाने के लिए अब विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके तहत ग्रामीणों को असली और नकली शराब के बीच अंतर समझाने के साथ ही मिलावटी एवं संदिग्ध शराब की पहचान करने की जानकारी दी जा रही है।

इसी क्रम में रायसेन जिले के बाड़ी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम भारतीपुर में आबकारी विभाग रायसेन की टीम ने ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि शराब खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किस तरह संदिग्ध या नकली शराब से बचा जा सकता है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को शराब की बोतल पर लगे सील, ढक्कन, लेबल, होलोग्राम और अन्य जरूरी पहचान संबंधी बातों की जानकारी दी। साथ ही बताया कि अवैध रूप से बिकने वाली या मिलावटी शराब का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसी शराब में मिलाए जाने वाले जहरीले रसायन आंखों की रोशनी जाने से लेकर मौत तक का कारण बन सकते हैं।

आबकारी विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे केवल अधिकृत शराब दुकानों से ही शराब खरीदें। बिना लेबल, टूटी सील या संदिग्ध पैकिंग वाली शराब का सेवन न करें। यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या भंडारण की जानकारी मिलती है तो तत्काल विभाग को सूचित करें।
सागर और देवास की घटनाओं के बाद शुरू हुई यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के खतरे के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि विभाग का यह जागरूकता अभियान कितने गांवों तक पहुंचता है और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने में कितना प्रभावी साबित होता है।