एक छात्र होने पर भी कक्षाएं,10-10रूपये का पेट्रोल भरवाना,कालेज के कल्चरल कार्यक्रमों के किस्सों से पूर्व विद्यार्थियों की चर्चा रही रोमांचक
भोपाल। शिक्षा पद्धति कोई भी हो या उसमें कितना भी बदलाव होता रहे, लेकिन गुरु-शिष्य परम्परा की भीनी सुगंध कभी नहीं बदलती। ऐसा ही नज़ारा लगभग 42 वर्ष से संचालित भेल कॉलेज के पूर्व विद्यार्थियों की वार्षिक चर्चा में उनके उदगार सुनकर देखने को मिला। किसी को कॉलेज आने पर अपने घर आने की अनुभूति हुई, तो किसी ने कॉलेज के समय की गईं मस्तियों को याद किया

बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल भोपाल के डा डीवी जैसवाल सभागार में,शिक्षा शोध,प्रशासन, राजनीति, चिकित्सा,पत्रकार रियल स्टेट,ट्रेवल टूरिज्म होटल,व्यवसाय,हाऊस वाईफ आदि क्षेत्रों के प्रतिनिधि पूर्व छात्र के रुप में उपस्थित हुए और अपने समय की स्मृतियां चाय की चुस्कियों के साथ बयां करते गये.प्राचार्य डॉ. संजय जैन ने उपस्थित सभी पूर्व विद्यार्थियों का स्वागत और अभिनन्दन करते हुए कहा कि किसी महाविद्यालय की पहचान उसके भवन से नहीं, बल्कि उसके विद्यार्थियों से होती है। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि इस महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों में अध्ययन करने के बावजूद अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर अपने देश के साथ विदेशों में करियर बनाकर संस्था का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की .

इस कार्यक्रम कि संयोजक डा दीक्षा बर्डे ने बताया कि पीजी डिप्लोमा टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट के पूर्व छात्र प्रशांत खानवलकर और उनकी पत्नी सुचित्रा खानवलकर ने कालेज के दिनों को याद करते गुणवत्तापूर्ण मिली शिक्षा को अपने जीवन की राह माना ,पत्रकार बृजेश जैन ने अपनी जीवनसंगिनी और आरती पटेल ने अपने जीवनसाथी इस महाविद्यालय से मिलने और कालेज के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के संस्मरण सुनाए ।
पूर्व छात्र रमाकांत पवार तथा प्रकाश चौकसे ने छात्र राजनीति व छात्रसंघ पदाधिकारी के रूप मे कालेज विकास के लिए किए संघर्षों को याद याद किया, बृजेश ने तो अपने मित्र मोंटू के साथ 10-10 रुपये मिलाकर पेट्रोल भरवा कर कालेज आने का किस्सा सुनाया, संदीप गुप्ता ने समोसा पार्टियों को याद किया, वहीं सेज यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर जनरल डॉ. आशीष दत्ता ने अपने समय के शिक्षको के साथ बिताए पलों को ताजा किया।हीरा मकोरिया ने अफसोस व्यक्त किया कि उनके समय कालेज का इतना अच्छा भवन क्यों नहीं था.

इस चर्चा में पवन वर्मा, बलवीर मीणा, देवेंद्र गोंडने, मनिंद्र सिंह, दीपक सोनी, भगवती रायकवार, सुनीता मेहरा, प्रीति थापा, लीना विल्सन,सूरज राठौर, नीतेश गोहानी, आसिब खान, रोशनी शर्मा, योगेश जायसवाल, डा अमृता करियारी, आरती पटेल, ममता विश्वकर्मा, सलमा खातून एवं सोना चौधरी ने भी अपने समय के किस्से सुनाते हुए बताया कि ‘इस कालेज के शिक्षकों से न केवल किताबी ज्ञान मिला है बल्कि अपनी प्रतिभा के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में करियर बनाने का अवसर मिला है ,एक छात्र उपस्थित होने पर भी कक्षाओं में पढने का अवसर ,मि.भेल कालेज और मिस भेल कालेज ,करियर मेला, कालेज में एडमीशन लेने की होड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम आज भी यादों है ,कालेज परिसर में आने से एसा लगता है जैसे अपने ही घर में आए हों’ शब्दों मे अपने उदगार व्यक्त किए। लगभग पचास से अधिक उपस्थित सभी पूर्व विद्यार्थियों ने तय किया कि जनवरी 2027 के प्रथम सप्ताह में उनके द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा पूर्व विद्यार्थियों ने प्राचार्य डॉ. संजय जैन एवं संयोजक डॉ. दीक्षा बर्डे का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर पर्यटन विशेषज्ञ प्रो ललित गौड़, डॉ. अनुपमा यादव, डॉ. प्रतिभा डेहरिया, डॉ. कैलाश ठाकरे, डॉ. प्रीति मिश्रा, डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. वर्षा चौहान ने सहभागिता की।