देवेन्द्र तिवारी सांची, रायसेन
स्तूप क्षेत्र के आसपास तेंदुए के दिखाई देने से हडकंप मच गया था तथा वनविभाग को सूचना दी गई थी तभी से वनविभाग की टीम चौबीस घंटे तेंदुए को पकडऩे हर तरीके से मशक्कत कर रही थी आखिर कार काफी मशक्कत के बाद वनविभाग की टीम तेंदुए को पकडऩे मे सफल हो गई ।इससे लोगों ने चैन की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार लगभग एक माह पूर्व स्तूप पहाड़ी क्षेत्र से सटे हुए क्षेत्र मे तेंदुए को देखते ही हडकंप मच गया था तब वनविभाग को सूचना दी गई थी तभी से वनविभाग की टीम तैनात कर दी गई थी तथा उसे पकडऩे लगातार प्रयास किए जा रहे थे परन्तु तेंदुआ पकड़ में ही नहीं आ रहा था बताया जाता हैं इस बीच तेंदुए के शिकार पशु एवं कुत्ते बकरी हो चुके थे हालांकि आते जाते ग्रामीणों को तेंदुआ दिखाई दे जाता था इस तेंदुए की आबादी वाले क्षेत्र में रहने से वनविभाग भी सतर्क हो गया था तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया था एवं उसे कब्जे में लेने अपनी रणनीति तैयार कर ली थी विभाग ने तेंदुआ होने के संकेत के आधार पर लगभग एक दर्जन वनविभाग के गार्डों की चौबीस घंटे तैनाती कर दी गई तथा क्षेत्र में लगभग 14 कैमरों से निगरानी शुरू कर दी ।परन्तु सफलता नहीं मिल सकी ।तब हालांकि इसके पूर्व मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक सी डब्ल्यू एलडब्लू भोपाल से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेंदुए को पकडऩे रेस्क्यू आपरेशन चलाते हुए एक पिंजरा लगाया गया तथा उसमे एक बकरी को छोडा गया जिससे तेंदुआ उस पिंजरे तक पहुंच सके परन्तु तेंदुआ नहीं आ सका ।दूसरी ओर तेंदुआ होने की खबर से स्तूप प्रशासन भी सकते में आ गया तथा वही कर्मचारियों एवं आने जाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा की दृष्टि से पहाड़ी के मध्य में स्थापित स्तूप पहुंचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया जिससे कोई अनहोनी घटना घटित न हो सके ।आखिर कार आज रात्रि में तेंदुआ उस पिंजरे तक पहुंच ही गया तथा पिंजरे में पहुचते ही वह कैद हो गया तेंदुए के कैद होते ही तैनात वनविभाग की टीम पिंजरे स्थान पर पहुंच गई तथा वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई तब वनविभाग की टीम उसे लेकर रवाना हो गई तेंदुआ पकडऩे के उपरांत लोगों ने चैन की सांस ली तथा तेंदुए के भय से छुटकारा पा लिया ।