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सबसे बड़े पत्रकार तो आदि तीर्थंकर ऋषभ देव थे जिन्होंने हर प्राणी का कल्याण किया

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जैन पत्रकारों के राष्ट्रीय अधिवेशन में जैन मुनि ने पत्रकारों को दिया सत्य प्रस्तुत करने का मंत्र

    सुरेंद्र जैन धरसीवा

रायपुर के लाभांडी स्थित श्री अग्रसेन धाम में आयोजित जैन पत्रकारों के राष्ट्रीय अधिवेशन में आचार्यश्री विद्यासागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य मुनि आगम सागर जी व मुनिश्री पुनीत सागर जी ने अपने अनमोल वचनों में कहा कि संसार के सबसे बड़े पत्रकार तो आदि तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव थे जिन्होंने प्राणी मात्र का अर्थात हर प्राणी का कल्याण किया ओर उन्हें सदमार्ग दिखाया असी मसी कृषि ओर ऋषि का शुभ संदेश दिया उन्होंने सिर्फ जैन ही नहीं अपितु सभी के कल्याण का मार्ग दिखाया आज तो लोभ लालच में असत्य परोसा जाता है जबकि पत्रकारिता जनकल्याण के लिए होती है जो वास्तविक सत्य हो उसे निष्पक्षता ओर निर्भीकता के साथ जनता के सामने प्रस्तुत करना चाहिए।

देशहित में पूज्य मुनिश्री आगम सागर जी पुनीत सागर जी ने एक दृष्टांत के माध्यम से बताया कि जो जैसा,करता है वैसा ही उसे अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ता है एक डॉक्टर का दृष्टांत सुनाते हुए मुनिराज ने कहा कि डॉक्टर लोगो का इलाज करता था इस पुण्य का उसे लाभ मिलना था लेकिन वही डॉक्टर लोभ लालच में ऐसी दवाइयां लिखते थे जो भ्रूण हत्या कहलाती थी अर्थात जन्म के पहले ही जीव की हत्या होती थी उस डॉक्टर को अपने कर्मों का फल ये मिला कि अगले जन्म में उनका पूरा शरीर काला दुर्गंध देने वाला हुआ।

इस दृष्टांत के माध्यम मुनि श्री ने डॉक्टरों मेडिकल संचालकों ओर पत्रकारों से सत्य अहिंसा जीवदया की राह पर चलने की बात कही उन्होंने कहा कि आज यदि कलम का उपयोग सत्य की जगह असत्य को सत्य बनाकर प्रस्तुत करने किया तो उन कलमकारो को भी अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा पत्रकारिता सत्य को जन जन तक पहुंचाने का माध्यम होना चाहिए न कि असत्य को सत्य बनाने लेकिन कभी किसी सत्य से जीवो की हिसा होती हो तो सत्य कुछ इस तरह प्रस्तुत करें कि किसी जीव की हिंसा भी न हो ओर सत्य भी प्रगट हो जाए इसके लिए मुनिश्री ने एक ओर दृष्टांत सुनाते हुए कहा कि एक चौराहे पर एक मुनि तपस्या कर रहे थे तभी उनके सामने से हिरणों का झुंड निकला थोड़ी देर बाद उनका शिकार करने वाले शिकारी पहुंचे और मुनिश्री से पूछने लगे यहां से हिरणों का झुंड किस रास्ते पर गया है मुनिश्री ने विचार किया यदि सत्य बताया तो ये उस रास्ते पर जाकर उन हिरणों की हिंसा करेंगे ओर असत्य बोलना नहीं है कुछ पल शांत रहने के बाद मुनिश्री खड़े हुए और खड़े होकर बोला जब से मैं खड़ा हूं तब से यहां से कोई हिरणों का झुंड नहीं निकला अर्थात मुनिश्री ने सत्य बोला कि जब खड़ा हूं ओर इस तरह सत्य भी बोल दिया ओर हिरणों के प्राणों की रक्षा भी कर ली ऐसी परिस्थितियां जब कभी आएं तो इसी तरह सत्य बोलकर भी जीवों की हिंसा रोकी जा सकती है।

पूज्य मुनिश्री ने हाल ही में हुए देश के एक बड़े खुलाशे की ओर इशारा करते हुए कहा कि पत्रकारिता इस तरह की होनी चाहिए निष्पक्ष और निर्भीकता से उस पत्रकार ने देश की जनता के सामने पूरा सच लाकर रख दिया।  सत्यमेव जयते अर्थात सत्य की हमेशा जीत होती है भले समय क्यों न लग जाए लेकिन अंततः सत्य की ही जीत होती है

आचार्यश्री विद्यासागर जी को मिले भारत रत्न

जैन पत्रकारों के राष्ट्रीय अधिवेशन में जहां एक ओर देशहित व समाज ओर धर्म तीर्थों के हित में प्राणी मात्र के कल्याण की भावना के साथ पत्रकारिता पर जोर दिया गया तो वहीं शिविर में महा तपस्वी समाधिस्थ आचार्यश्री विद्यासागरजी महामुनिराज जी को भारत रत्न देने की पुरजोर मांग उठाई गई इलेक्ट्रॉनिक ओर सोशल मीडिया के क्षेत्र में जनता की आवाज उठाने वाले जनता के समक्ष सत्य प्रस्तुत करने वाले न्यूज चैनल मध्यपदेश छत्तीसगढ़ के चेयरमैन समाज के गौरव नमित जैन लोकेश कावड़िया जैन समाज के भामाशाह विनोद बड़जात्या छत्तीसगढ़ जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश मोदी नरेंद्र जैन गुरुकृपा शैलेन्द्र जैन और देश के कौन कौन से आए जैन पत्रकारों ने महा तपस्वी ओर भारत को इंडिया से अपने प्राचीन भारत की ओर भारतीय धर्म संस्कृति की ओर ले जाने वाले परम पूज्य आचार्यश्री विद्यासागर जी महामुनिराज को भारत रत्न देने की मांग उठाई गई इसके लिए एक बार फिर केंद्र सरकार तक अपनी आवाज उठाने विचार विमर्श हुआ।

नमित जैन व कावड़िया का किया सम्मान

छत्तीसगढ़ जैन समाज की ओर से आयोजित है जैन पत्रकार सम्मेलन के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि समाज के गौरव नमित जैन एवं लोकेश कावड़िया का छत्तीसगढ़ जैन समाज की ओर से समाज के भामाशाह विनोद बड़जात्या अध्यक्ष प्रकाश मोदी प्रदीप जैन विश्व परिवार आदि ने श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया ।

जनता की आवाज बने सत्य जनता तक पहुंचाएं नमित

मुख्य अतिथि नमित जैन ने समाज के पत्रकारों को विश्वास दिलाया कि जब भी कभी पत्रकारों को उनकी आवश्यकता पड़े वह हमेशा पत्रकारों का साथ देंगे साथ ही उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में निष्पक्ष और निर्भीकता से सत्य जनता तक पहुंचाना चाहिए खबरों के माध्यम से जनता की आवाज उठना चाहिए

नमित जैन ने आगे कहा कि आज उन्होंने जो मुकाम पाया है वो सिर्फ सत्य के कारण ही पाया है जनहित की खबरों से जनता के दिलों में जगह बनती है तब जाकर पत्रकारिता में सफलता मिलती है ।

जैन पत्रकारों के अधिवेशन को लेकर उन्होंने आयोजकों जैन समाज छत्तीसगढ़ का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजन साल कम से कम दो बार करने की सलाह भी समाज को दी ताकि समाज के पत्रकारों में एक नई ऊर्जा का संचार होता रहे ओर वह धर्म समाज व देशहित में अपनी कलम चलाते रहें

आगम सागर महाराज- सत्य कहने के लिए निर्भय होना जरूरी

मुनि श्री आगम सागर महाराज ने कहा कि सत्य वही व्यक्ति कह और लिख सकता है, जिसके हृदय में डर नहीं हो। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए सत्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है, भले ही इसमें समय लगे।

उन्होंने कहा कि यदि किसी परिस्थिति में सत्य बोलना संभव नहीं हो तो शांत रहना बेहतर है, लेकिन भ्रम फैलाने से बचना चाहिए। सत्य को धर्म बताते हुए उन्होंने पत्रकारों से इसके साथ खिलवाड़ नहीं करने की अपील की।

पुनीत सागर महाराज बोले- ऐसी खबरें लिखें जिससे सभी का कल्याण हो

मुनि श्री पुनीत सागर महाराज ने पत्रकारों से अपील करते हुए कहा कि जियो और जीने दो की पत्रकारिता को आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को हिंसा को बढ़ावा देने वाली खबरों के बजाय ऐसी खबरों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिनसे समाज और सभी जीवों का कल्याण हो। उन्होंने शब्दों के चयन को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही, ताकि किसी के हृदय को आघात न पहुंचे।

राजधानी रायपुर में बुधवार को पहली बार राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्री अग्रसेन धाम में आयोजित सम्मेलन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से जैन पत्रकार शामिल हुए। सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ सकल दिगंबर जैन समाज, रायपुर की ओर से जैन पत्रकार महासंघ के सहयोग से किया गया।

चातुर्मासरत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री आगम सागर जी, मुनि श्री पुनीत सागर जी, ऐलक श्री धैर्य सागर जी एवं ऐलक श्री स्वागत सागर जी के आशीर्वाद से हुए इस सम्मेलन में जैन धर्मायतनों के संरक्षण एवं संवर्धन में पत्रकारिता की भूमिका विषय पर परिचर्चा हुई। इसमें पत्रकारिता, धर्म, समाज और जैन संस्कृति के संरक्षण से जुड़े विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे। मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ निःशक्तजन विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया और वरिष्ठ पत्रकार नमित जैन शामिल हुए।

जनगणना में जैन पहचान दर्ज कराने की अपील

परिचर्चा के दौरान जैन समाज की जनसंख्या और पहचान को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि जनगणना में जैन समाज की संख्या करीब 44 लाख दर्ज है, जबकि समाज के कुछ लोगों का मानना है कि देश में जैन समुदाय की वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक है। सम्मेलन में उपस्थित की गई कि जनगणना 2027 में सभी जैन बंधु अपनी धार्मिक पहचान जैन के रूप में दर्ज कराएं।

पत्रकारिता को बताया समाज को दिशा देने वाला माध्यम: श्री गुप्ता

भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. बलदेव राज गुप्ता ने कहा कि पत्रकारिता को देश का चौथा स्तंभ माना जाता है। देश की आजादी के आंदोलन में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आज भी समाज में धर्म की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि समाज के संपर्क और गुरुजन भी एक तरह से मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। हर मां-बाप जिस तरह बच्चों को सही दिशा देते हैं, उसी तरह धर्मगुरु भी जीवन में अनुशासन और नियंत्रण बनाए रखते हैं।

उन्होंने कहा कि जब युवा अकेला होता है तो अपनी इच्छा के अनुसार निर्णय ले सकता है, लेकिन जीवन में धर्मगुरु और संस्कार मौजूद हों तो एक नियंत्रण और दिशा बनी रहती है। उन्होंने पत्रकारिता को सत्य के दर्शन कराने वाला माध्यम बताया।

देशभर से आए पत्रकारों के बीच संवाद का अवसर

राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों को एक मंच पर संवाद का अवसर मिला। सम्मेलन में जैन धर्म, धार्मिक स्थलों और संस्थाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में मीडिया की भूमिका, समाज के मुद्दों को सामने लाने और पत्रकारिता के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रकाश मोदी, प्रदीप कुमार जैन, संदीप लुहारिया, क्षितिज जैन, सौरभ जैन, गौरव अकालतरा, विशेष सहयोगी जैन पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष श्री रमेश तिजारिया, महामंत्री श्री उदयभान जैन, बुंदेलखंड क्षेत्र के संयोजक श्री भरत सेठ सहित अन्य लोग शामिल हुए।

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