बॉक्स ब्रीदिंग, भ्रामरी और मंडल आकृति को सीखा
बच्चों को दिया गया करिअर गाइडेंस
रायसेन।साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में सांदीपनि स्कूल के 180 छात्र विश्वविद्यालय दर्शन को पहुंचे। विश्वविद्यालय पहुंचे छात्रों ने सबसे पहले बोधि वृक्ष देखा और इसका इतिहास जाना। 9वीं से 12वीं क्लास के छात्रों ने विश्वविद्यालय के अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन, लाइब्रेरी और अन्य भवनों में जाकर गहनता से समझा कि- विश्वविद्यालय क्या होता है?

योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र बाबू खत्री ने सभी छात्रों को अपने विभाग में आमंत्रित किया और उन्हें आजीवन काम आने वाले तथा मात्र पांच मिनट में किए जाने वाले तीन आसनों को सिखाया। छात्रों को एकाग्रता बढ़ाने के लिए उन्होंने बॉक्स ब्रीदिंग, भ्रामरी और मंडल आकृति आसन सिखाये।

डॉ. उपेंद्र बाबू खत्री ने इस दौरान सभी छात्रों को बताया कि थ्योरी के साथ प्रेक्टिकल करने पर ही किसी भी व्यक्ति का नैतिक स्तर उभरता है और सभी धर्मों में थ्योरी के साथ यह प्रेक्टिकल किसी न किसी रूप में मौजूद है।

विश्वविद्यालय के सहायक निदेशक जनसंपर्क श्री विजय दुबे ने छात्रों को करिअर गाइडेंस प्रदान किया और उन्हें विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों, भारतीय शिक्षा पद्दति, भारतीय कला संस्कृति, भारतीय व बौद्ध अध्ययन के विभिन्न विषयों, पाली भाषा एवं विश्वविद्यालय के 120 एकड़ परिसर के विषय में बताया।

भ्रमण के दौरान छात्रों ने लाइब्रेरी को विस्तार से देखा। इस विश्वविद्यालय भ्रमण यात्रा के अंतिम पड़ाव के रूप में विदा होते समय विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव श्री विवेक पाण्डेय ने सांदीपनि स्कूल के छात्रों के साथ पहुंचे सभी छह शिक्षकों का स्वागत किया और उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से भेंट दी।

सांदीपनि विद्यालय के वोकेशनल ट्रेनर और भारतीय सेना से रिटायर्ड श्री एमएल गौर, पर्यटन एवं अतिथि सत्कार की वोकेशनल ट्रेनर सुश्री एल.एस यादव, खेल प्रशिक्षक सुश्री लसिका, नृत्य-संगीत के शिक्षक सुश्री स्वाती, श्री प्रदीप एवं श्री विनीत छात्रों के इस दल को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे थे।