जिला मुख्यालय सहित औद्योगिक शहर मंडीदीप के सतलापुर क्षेत्र में स्कूल शिक्षा के नाम पर चल रहा है बड़ा फर्जीबाड़ा
एक ही डाइस कोड पर संचालित हो रहे है, दो स्कूल, अधिकारियों के संज्ञान में है पूरा मामला फिर भी आंख बंद करके बच्चों के भविष्य के साथ कर रहे हैं खिलवाड़
मंडीदीप रायसेन। औद्योगिक शहर मंडीदीप के सतलापुर क्षेत्र में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वार्ड नंबर 14 में मां शारदा विद्या मंदिर के नाम से दो स्थानों पर स्कूल संचालित होने का मामला सामने आया है। दोनों स्कूलों के लिए एक ही डाइस कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि एक ही मान्यता पर अलग-अलग स्थानों पर दो स्कूल संचालित किए जाने को लेकर नियमों पर सवाल उठ रहे हैं।

जब की दोनों स्कूलों के बीच करीब आधा किलोमीटर का अंतर है। लेकिन मामला अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक स्कूल की मान्यता है तो दूसरे स्थान पर उसी नाम और डाइस कोड से स्कूल किस आधार पर संचालित हो रहा है। मामले को लेकर जब जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी से बात की तो जिला शिक्षा विभाग अधिकारी ने भी गोल गोल घुमाने की कोशिश की वहीं जिला शिक्षा विभाग अधिकारी डीडी रजक ने कहा कि मैं भी उस स्कूल में गया था जब उन्होंने स्कूल की मान्यता ली थी तो दूसरों के प्लांटो को सो रुपए के स्टांप पर दिखाकर मान्यता ली थी अब सवाल यह उठता है कि जिला शिक्षा विभाग अधिकारी की मौजूदगी में दूसरे लोगों का प्लांट दिखाकर मान्यता ली जा सकती हैं। तो उसमें कितना बड़ा खेल होगा।
यह तो एक उदाहरण हे जिला मुख्यालय पर ही कई स्कूल ऐसे चल रहे हे जिन में न पर्याप्त कमरे हे न स्टाफ,रायसेन के एक निजी स्कूल में आठवीं की कक्षाएं चल रही हे। लेकिन एक दहलान में 15 से 20 बच्चे पढ़ रहे शिक्षकों के नाम में दो महिला शिक्षक हे जो न ट्रेड हे न क्वालीफाइड,सिर्फ सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए स्कूल चल रहे हे। न प्ले ग्राउंड हे न सोच की व्यवस्था,न प्राचार्य हे न चपरासी जबकि मान्यता लेते समय इनमें बहुत अधिक गलत जानकारियां देकर मान्यता ली गयी। रायसेन का जिला परियोजना समन्वयक शिक्षा DPC कार्यालय में अधिकारियों की मिलीभगत से शिक्षा का पवित्र कार्य फर्जीवाड़े,और सरकारी योजनाओं के लाभ लेने चल रहे हे। लेकिन न कोई निगरानी हे न जांच।