टीम पहल बना रहा गौ जीव उपचार केंद्र; इलाज के साथ आश्रय, भोजन और स्वस्थ होने तक अपनत्व की व्यवस्था
रुपेश मेहरा बरेली रायसेन
सड़क पर घायल होकर तड़पती गाय हो या बीमारी से जूझता बेसहारा गौवंश… पिछले 9 वर्षों से टीम पहल ऐसे गौ जीवों के लिए सेवा और उपचार का सहारा बनी हुई है। अब इस सेवा को स्थायी स्वरूप देने की तैयारी है। टीम पहल द्वारा गौ जीव उपचार केंद्र (हॉस्पिटल) का निर्माण कराया जा रहा है, जहां घायल और बीमार गौवंश को उपचार के साथ सुरक्षित आश्रय, भोजन और स्वस्थ होने तक निरंतर देखभाल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

सेवा से उपचार केंद्र तक पहुंची 9 साल की यात्रा
टीम पहल की गौ सेवा यात्रा केवल उपचार तक सीमित नहीं रही। सड़क दुर्घटनाओं में घायल गायों को मौके से सुरक्षित पहुंचाना, बीमार पशुओं की देखभाल करना और बेसहारा गौवंश को संरक्षण देना संस्था की नियमित सेवा गतिविधियों का हिस्सा रहा है। वर्षों से चल रहे इन प्रयासों को अब एक व्यवस्थित उपचार केंद्र के रूप में विस्तार दिया जा रहा है।
इलाज के साथ मिलेगा अपनत्व
नवनिर्माणाधीन गौ जीव उपचार केंद्र में घायल एवं बीमार गौवंश को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के साथ उनके रहने, भोजन और देखभाल की व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य है कि कोई घायल गौवंश इलाज के अभाव में सड़क पर तड़पता न रहे और उसे स्वस्थ होने तक सुरक्षित वातावरण मिल सके।

परहित को बनाया सेवा का आधार
टीम पहल का मानना है कि “परहित सरिस धर्म नहीं भाई, पर पीड़ा सम नहीं अधमाई” केवल पंक्तियां नहीं, बल्कि सेवा का आधार हैं। इसी भावना से संस्था पिछले 9 वर्षों से गौ जीव सेवा में सक्रिय है। उपचार केंद्र का निर्माण इसी सेवा संकल्प को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब सेवा को मिलेगा स्थायी ठिकाना
गौ जीव उपचार केंद्र के निर्माण से टीम पहल की वर्षों पुरानी सेवा को एक स्थायी आधार मिलने की उम्मीद है। संस्था का प्रयास है कि केंद्र में आने वाले हर घायल और बीमार गौवंश को इलाज के साथ सुरक्षा, सम्मान और संवेदना मिले।
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