घर-घर गैस पहुंचाने की तैयारी, लेकिन खुदाई के गड्ढे बने मुसीबत; पेयजल लाइनें भी टूटीं
गेल की पाइपलाइन बिछाने से शहरवासी परेशान, कहीं धंसे गड्ढे तो कहीं टूटी पेयजल लाइन
विकास की पाइपलाइन या परेशानी के गड्ढे? रायसेन में गेल के काम पर उठे सवाल
पाइपलाइन डाली, गड्ढे छोड़े! रायसेन में वाहन और राहगीर हो रहे परेशान
गैस लाइन के लिए खुदाई के बाद बदहाल रास्ते, शिकायतों के बावजूद नहीं सुधर रहे गड्ढे
रायसेन में गेल का काम सवालों के घेरे में, गड्ढों से हादसे का खतरा और पेयजल संकट
कई वार्डों में पाइपलाइन डालने के दौरान सड़क और पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने की शिकायत,
मिट्टी से भराई के बाद धंस रहे गड्ढे; नागरिकों ने प्रशासन से जांच और स्थायी मरम्मत की मांग की।
गैस पाइपलाइन की खुदाई बनी परेशानी, धंस रहे गड्ढे; पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त
दीपक कांकर रायसेन
रायसेन। जिला मुख्यालय रायसेन में घर-घर पाइपलाइन के माध्यम से गैस पहुंचाने की योजना के तहत गेल कंपनी द्वारा अलग-अलग वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। शहर में पहले गैस पाइपलाइन के लिए सड़क और अन्य स्थानों पर पाइप डाले गए थे, वहीं अब कई वार्डों में इन पाइपों में गैस की लाइन डालने का काम चल रहा है। लेकिन निर्माण कार्य के दौरान की जा रही खुदाई और उसके बाद गड्ढों की भराई को लेकर स्थानीय रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खुदाई के बाद मिट्टी से भर दिए गए गड्ढे
स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के लिए जगह-जगह सड़क, रास्तों और मकानों के सामने खुदाई की जा रही है। पाइप डालने के बाद कई स्थानों पर गड्ढों को केवल मिट्टी डालकर भर दिया गया। बारिश और वाहनों की आवाजाही के बाद यह मिट्टी बैठ गई, जिससे कई स्थानों पर गड्ढे दोबारा गहरे हो गए हैं।
रहवासियों के अनुसार इन गड्ढों के कारण पैदल चलने वालों के साथ ही दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए भी परेशानी और हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कई बार लोग और वाहन इन धंसे हुए गड्ढों में गिरकर परेशान हो चुके हैं।
पेयजल की पाइपलाइन भी हुई क्षतिग्रस्त
पाइपलाइन डालने के दौरान कई मकानों तक पहुंचने वाली पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि खुदाई के दौरान पानी की लाइन टूटने से घरों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है।
रहवासियों का आरोप है कि शिकायत करने पर कंपनी के कर्मचारियों से समस्या के समाधान की अपेक्षा रहती है, लेकिन कई मामलों में शिकायतों का तत्काल निराकरण नहीं किया जा रहा। कुछ नागरिकों ने कंपनी के कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई है और आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर उनके साथ कथित तौर पर बदतमीजी की जाती है।
गड्ढों की स्थायी मरम्मत की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद केवल मिट्टी डालकर गड्ढों को छोड़ना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। सड़क या सीमेंटेड हिस्से की खुदाई के बाद संबंधित स्थान को उचित तरीके से भरकर मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि मिट्टी धंसने से दोबारा गड्ढे न बनें।
लोगों की मांग है कि पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद संबंधित स्थानों पर नियमानुसार सड़क और सीमेंटेड सतह की मरम्मत कराई जाए। साथ ही जहां पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई है, वहां तत्काल सुधार कराकर घरों की जलापूर्ति बहाल की जाए।
हादसा होने के बाद जागने का इंतजार?
रहवासियों का कहना है कि शहर में विकास कार्य होना जरूरी है और घर-घर गैस पहुंचाने की योजना से नागरिकों को सुविधा मिल सकती है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि खुदाई के बाद गड्ढों को ठीक से बंद नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर दुर्घटना की स्थिति बन सकती है।
नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि शहर में चल रहे गैस पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण कराया जाए। जहां पाइपलाइन डाली जा चुकी है, वहां सड़क और गड्ढों की स्थिति की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कराई जाए। साथ ही पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों का भी प्राथमिकता से निराकरण कराया जाए।
अब देखना यह होगा कि संबंधित कंपनी और प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं और शहरवासियों को खुदाई से उत्पन्न हो रही परेशानियों से कब राहत मिलती है।