रोजाना छतों और खेतों में घुसकर मचा रहे उत्पात, सामान को नुकसान और फसलों को पहुंचा रहे क्षति
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के दीवानगंज, अंबाड़ी और मुस्काबाद गांवों में इन दिनों बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। जंगल से रोजाना बंदरों के झुंड गांवों में पहुंच रहे हैं और घरों की छतों, आंगन तथा खेतों में उत्पात मचा रहे हैं। बंदरों के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। खासकर महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर निकलने तथा छतों पर जाने से डरने लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सुबह और शाम के समय बंदरों के झुंड बड़ी संख्या में गांव में पहुंच जाते हैं। बंदर घरों की छतों पर चढ़कर वहां रखे सामान को उठा ले जाते हैं और कई बार सामान को तोड़कर नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं खेतों में पहुंचकर खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

एक दर्जन से अधिक बंदरों के झुंड से बढ़ी परेशानी
ग्रामीण दिनेश साहू, अंशु नायक, दीपक नायक, दीपक साहू और रिया साहू सहित अन्य लोगों ने बताया कि जंगल की ओर से रोजाना एक दर्जन से अधिक बंदर गांवों में आ जाते हैं। कुछ समय तक घरों की छतों और खेतों में घूमने के बाद बंदर वापस जंगल की ओर चले जाते हैं। बंदरों की संख्या लगातार बढ़ने से समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। घरों की छतों पर सामान रखना भी मुश्किल हो गया है। खेतों में फसल की रखवाली के दौरान भी बंदरों के झुंड के आने का डर बना रहता है।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों के मुताबिक बंदरों की समस्या को लेकर वन विभाग को कई बार सूचना और शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द टीम भेजकर बंदरों को पकड़ा जाए और उन्हें आबादी क्षेत्र से दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बंदरों के आतंक पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में किसी ग्रामीण या बच्चे के साथ अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तीनों गांवों में टीम भेजकर बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।