अखिल विश्व वेदमाता गायत्री परिवार शताब्दी समारोह वर्ष 2026 के अंतर्गत तहसील के सभी विद्यालयों में चलेगा अभियान
मनोज बैरागी सरदारपुर धार
सरदारपुर अखिल विश्व श्री वेदमाता गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के आह्वान पर सरदारपुर तहसील स्तरीय समन्वय समिति एवं भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में सोमवार, 20 जुलाई को सरदारपुर स्थित रिद्धि-सिद्धि स्कूल में बाल संस्कार शाला का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा श्री गायत्री चालीसा पाठ, गायत्री महामंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के सस्वर उच्चारण के साथ हुआ। इस दौरान श्री गायत्री वैदिक पद्धति से दो विद्यार्थियों का जन्मदिवस भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

संस्कारवान जीवन ही सफलता की कुंजी: वक्ता
इस अवसर पर श्री गायत्री शक्तिपीठ की महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती विमला तिवारी एवं सचिव तथा बाल संस्कार प्रभारी श्रीमती साधना उपाध्याय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि:
“जीवन में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना बेहद आवश्यक है। संस्कारित विद्यार्थी ही आगे चलकर श्रेष्ठ नागरिक बनते हैं और समाज व देश का नाम रोशन करते हैं।”
वहीं, भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय संयोजक प्रेम कुमार वैद्य ने भी विद्यार्थियों को संस्कारवान बनने के मुख्य बिंदुओं और नैतिक मूल्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
कार्यक्रम में रही गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस आयोजन में श्री गायत्री परिवार के परिजन श्रीमती पुष्पा कारले, श्रीमती पुष्पा ठाकुर, भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के इंदौर संभाग प्रभारी प्रवीण शर्मा (एडवोकेट), महिला तहसील अध्यक्ष श्रीमती सीता शर्मा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
तहसील के हर विद्यालय में आयोजित होगी संस्कार शाला
श्री गायत्री शक्तिपीठ सरदारपुर के मुख्य प्रबंधन ट्रस्टी अध्यक्ष, तहसील सह-समन्वयक तथा भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के प्रदेश विधि प्रभारी भारद्वाज जयशंकर उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि:यह कार्यक्रम अखिल विश्व श्री गायत्री परिवार शताब्दी समारोह वर्ष 2026 के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इस अभियान के तहत सरदारपुर तहसील के सभी विद्यालयों में क्रमबद्ध रूप से बाल संस्कार शाला का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ा जा सके।