एक सप्ताह से नहीं बरसे बादल, सिर्फ 10% रोपाई पूरी, सूखने लगा लगाया गया धान
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा , नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार , कयामपुर, संग्रामपुर, करैया, गिदगढ़, सत्ती, बांसिया, हिनोतिया, भंवर खेड़ी,बालमपुर, कुलहड़िया, देहरी,क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। समय पर मानसूनी बारिश नहीं मिलने से धान की रोपाई का काम लगभग ठप पड़ गया है। क्षेत्र के करीब 90 प्रतिशत किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जबकि केवल 10 प्रतिशत किसानों ने ट्यूबवेल के सहारे ही धान की रोपाई की है।
जिन किसानों ने शुरुआती बारिश के भरोसे धान का पौध खेतों में लगा दिया था, उनके सामने अब फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। खेतों में पानी की कमी के कारण धान का पौध सूखने की कगार पर पहुंच गया है। किसानों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो दोबारा रोपाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत और मेहनत दोनों बढ़ जाएंगी।

दीवानगंज, सेमरा, अंबाड़ी, नरखेड़ा, जमुनिया सहित आसपास के गांवों में खेत तैयार हैं, लेकिन पानी नहीं होने से किसान रोपाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। जिन किसानों के पास सिंचाई के सीमित साधन हैं, वे भी लगातार पानी देने में असमर्थ हैं।
किसानों का कहना है कि धान की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहती है। यदि जुलाई के मध्य तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब पूरे क्षेत्र के किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और वे जल्द अच्छी बारिश होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।