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दीवानगंज स्टेशन पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आई महिला की मौत, 3 घंटे तक पटरी पर पड़ा रहा शव

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जीआरपी चौकी नहीं होने से फिर उजागर हुई रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की खामियां, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन 

सांची विकासखंड के दीवानगंज-सेमरा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे ट्रैक पार करते समय एक अज्ञात महिला तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद महिला का शव करीब तीन घंटे तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा, जबकि स्थानीय लोग और यात्री मदद की आस लगाए खड़े रहे। इस घटना ने क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 35 से 40 वर्षीय महिला प्लेटफॉर्म नंबर-2 के पास रेलवे लाइन पार कर रही थी। इसी दौरान तेज गति से गुजर रही ट्रेन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयावह थी कि महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर दीवानगंज पुलिस चौकी का अमला मौके पर पहुंचा, लेकिन रेलवे क्षेत्र होने के कारण कार्रवाई जीआरपी के अधिकार क्षेत्र में होने से शव को वहीं छोड़ना पड़ा।

 

तीन घंटे तक ट्रैक पर पड़ा रहा शव, लोगों ने बताया अमानवीय स्थिति

हादसे के बाद सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि महिला का शव तीन घंटे से अधिक समय तक पटरियों पर पड़ा रहा। तेज धूप के बीच शव के पास लोगों की भीड़ जुटी रही, लेकिन जीआरपी टीम के पहुंचने तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवानगंज और सलामतपुर स्टेशनों पर जीआरपी की स्थायी चौकी नहीं होने से हर दुर्घटना में भोपाल या विदिशा से टीम बुलानी पड़ती है, जिससे अनावश्यक देरी होती है।

ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले टपरिया निवासी एक व्यक्ति की भी ट्रेन से कटकर मौत हुई थी और तब भी शव कई घंटों तक ट्रैक पर पड़ा रहा था। लगातार दोहराई जा रही ऐसी घटनाएं रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।

पहचान नहीं हो सकी, जांच में जुटी जीआरपी

काफी इंतजार के बाद भोपाल और विदिशा से पहुंची जीआरपी टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और मर्ग कायम किया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि महिला का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आसपास के गांवों में शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्थायी जीआरपी चौकी की मांग फिर हुई तेज

लगातार हो रहे हादसों और कार्रवाई में देरी से नाराज क्षेत्रवासियों ने एक बार फिर दीवानगंज या सलामतपुर स्टेशन पर स्थायी जीआरपी चौकी स्थापित करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि व्यस्त रेलवे मार्ग होने के बावजूद यहां आपातकालीन पुलिस व्यवस्था का अभाव यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।

इनका कहना हे 

“यह कोई पहली घटना नहीं है। जब भी यहां कोई दुर्घटना होती है, भोपाल या विदिशा से जीआरपी टीम के आने का इंतजार करना पड़ता है। तीन-तीन घंटे तक शवों का पटरियों पर पड़े रहना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।”

भानु और पुरुषोत्तम लोधी सरपंच रेलवे स्टेशन दीवानगंज सेमरा

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