मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पिछले दो महीनों से खेतों की नरवाई में सुलग रही आग लगातार नुकसान पहुंचा रही है। आगजनी की घटनाओं से जहां किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं हरे-भरे पेड़-पौधे भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो रहे हैं।
ऐसा ही एक गंभीर मामला दीवानगंज स्थित इच्छापूर्ति हनुमान मंदिर के पास सामने आया है, जहां खेतों की नरवाई में लगी आग ने लगभग 50 साल पुराने विशाल पेड़ को पूरी तरह झुलसा दिया। आग इतनी भीषण थी कि पेड़ अंदर तक जल गया और उसकी हरी-भरी पत्तियां मुरझा गईं। पेड़ की कई बड़ी डालियां टूटकर नीचे गिर गईं।
ग्रामीणों के अनुसार आग की तपिश से पेड़ की जड़ें भी कमजोर हो गई हैं और जमीन के अंदर करीब तीन फीट गहरा गड्ढा बन गया है। पेड़ अब पूरी तरह खोखला हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। मंदिर मार्ग पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द जले हुए पेड़ को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए और नरवाई में आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही आगजनी से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों की हरियाली खत्म होती जा रही है।