Let’s travel together.

20 महीने बाद भी अधूरी पड़ी 62 लाख की ग्रेवल रोड, बारिश से पहले फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

0 10

जनसुनवाई में दिया आवेदन 

मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन 

सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत गीदगढ़ से महुआखेड़ा तक बनने वाली 62 लाख रुपए की ग्रेवल रोड 20 महीने बाद भी अधूरी पड़ी है। क्षेत्रीय विधायक प्रभुराम चौधरी द्वारा उद्घाटन किए गए इस सड़क निर्माण कार्य के पूरा नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कर प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की।

ग्रामीणों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना गीदगढ़ पुलिया से महुआखेड़ा तक ग्रेवल रोड निर्माण का कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन ठेकेदार ने केवल नाम मात्र मुरम डालकर काम बंद कर दिया। इसके बाद से सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हुआ।

जनसुनवाई में पहुंचे चिरंजी लाल, खेमचंद, मोहनलाल, मलखान सिंह, अर्जुन सिंह, कमलेश सिंह, विजय सिंह और प्यारेलाल सहित ग्रामीणों ने बताया कि अधूरी सड़क के कारण खेती-किसानी, इलाज और रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। सड़क के पास रेलवे लाइन होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में रेलवे ट्रैक से निकलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी रेलवे हादसे हो चुके हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात शुरू होने के बाद हालात और खराब हो जाएंगे। कीचड़ और खराब रास्तों के कारण स्कूली बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी।

स्थानीय निवासी विजय सिंह ने बताया कि कई वर्षों बाद सड़क मंजूर हुई थी, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण आज तक पूरी नहीं हो सकी। बारिश में चार महीने तक गांव के लोग पक्की सड़क तक नहीं पहुंच पाएंगे।

वहीं प्यारेलाल ने कहा कि बारिश में गांव पूरी तरह कट जाता है। सड़क नहीं बनने से हर साल परेशानी झेलनी पड़ती है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी योजना के तहत जमुनिया से बरजोरपुर और बरजोरपुर से खेड़ापति हनुमान मंदिर तक बनने वाली अन्य ग्रेवल सड़कें कई महीने पहले पूरी हो चुकी हैं, लेकिन महुआखेड़ा मार्ग अब तक अधूरा पड़ा है।

गिदगड सरपंच लीला किशन ने बताया कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए पिछले वर्ष मैंने एक लाख रुपए की लागत से रोड पर मुरम डलवा दी थी। ताकि ग्रामीणों को परेशानी ना हो, ठेकेदार ने अभी तक ना तो मुझे अपने पैसे दिए हैं और ना ही रोड पर काम चालू किया है। जिससे महुआ खेड़ा गांव के ग्रामीण और पढ़ने वाले छात्राएं परेशान हो रही है। अगर बारिश से पहले रोड पर कार्य नहीं हुआ तो 4 महीने तक सभी विद्यार्थी दलदल से होकर गुजरना पड़ेगा।

अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन ठेकेदार पर कार्रवाई कर जल्द सड़क निर्माण पूरा कराए, ताकि बारिश से पहले लोगों को राहत मिल सके।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर उठे सवाल! ईमानदार रेंजर को फंसाने का आरोप     |     वन माफिया द्वारा रेंजर अहिरवार को षड्यंत्रपूर्वक फंसाने के विरोध में संयुक्त कर्मचारी संघ का विरोध प्रदर्शन      |     पुलिस अधीक्षक को जैन समाज ने ज्ञापन दिया      |     राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि     |     कैलारस शुगर मिल पुनः प्रारंभ करने की मांग को लेकर किसान संघ ने श्री पवैया से की भेंट     |      दस से पंद्रह घंटे तक गुल हो रही बिजली पानी की आपूर्ति भी हो रही प्रभावित     |     आखिर इंसानी जान की कीमत आवारा कुत्ते की जान से ज्यादा है….अजय बोकिल      |     नरवाई की आग ने निगला 50 साल पुराना पेड़, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा     |     20 महीने बाद भी अधूरी पड़ी 62 लाख की ग्रेवल रोड, बारिश से पहले फूटा ग्रामीणों का गुस्सा     |     पानी को लेकर गांव में फूटा गुस्सा, खाली बर्तन लेकर पंचायत पहुंचीं महिलाएं     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811