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वन माफिया द्वारा रेंजर अहिरवार को षड्यंत्रपूर्वक फंसाने के विरोध में संयुक्त कर्मचारी संघ का विरोध प्रदर्शन 

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 एसडीएम को दिया ज्ञापन 

शरद शर्मा  बेगमगंज  रायसेन

वन माफियाओं पर कार्रवाई करने वाले रेंजर अरविंद अहिरवार पर वन माफिया की झूठी शिकायत एवं षडयंत्र के कारण ईओडब्ल्यू की टीम ने मिलीभगत से संदिग्ध कार्यवाही करके फंसाने के विरोध में आज रायसेन जिले के समस्‍त कर्मचारी संगठनों में राजस्‍व, वन, पुलिस, सहकारिता, नगरीय प्रशासन, जनपद, पंचायत सचिव संघ इत्यादि ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सौरभ मिश्रा को देकर निष्पक्ष जांच कराने कर प्रकरण समाप्त करने की मांग की है।

आज सयुक्त रूप से विभिन्न कर्मचारियों संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन में मांग की है कि बेगमगंज में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। वन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले रेंजर अरविंद अहिरवार ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई को सुनियोजित साजिश बताया है।

खास बात यह है कि इस मामले में फरियादी बने शकील पठान एवं नवेद पठान पर पहले रेंजर अहिरवार बड़ी कार्रवाई कर शकील अहमद के मकबरा मोहल्ला स्थित फॉर्म हाऊस से दिनांक 5. 11. 25 को वन विभाग , पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग की सयुक्त टीम द्वारा छापामारी करके 383 नग याने 9. 252 घनमीटर बेशकीमती इमारती अवैध सागौन की लकड़ी एवं लकड़ी से भरी एक क्वालिस जीप जब्त करके बड़ी कार्रवाई की गई थी। वर्तमान में उसकी कार्रवाई प्रचलित है।

तब से आरोपी शकील अहमद उसके भाई नवेद पठान द्वारा सीएम हेल्पलाइन , मानव अधिकार आयोग में अनेक शिकायत की गई, जांच में सभी शिकायतें झूठी पाई गई।

वहीं रेंजर अहिरवार ने रंजिश रखने वाले शकील अहमद के विरुद्ध पुलिस एवं वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन दिया गया था कि वह उनकी झूठी शिकायतें कर झूठे प्रकरण और रिश्वत में फंसाने का प्रयास कर रहा है। जबकि शकील अहमद जो आदतन अपराधी प्रवृति का है उस पर थाना बेगमगंज में विभिन्न धाराओं में 12 प्रकरण दर्ज है।

ये कर्मचारियों एवं अधिकारियों से अनुचित काम कराने के लिए दबाव बनाने के लिए झूठी शिकायतें कर फंसाने का प्रयास करता है। इसी क्रम में इसने ईओडब्ल्यू टीम की मिलीभगत से रिश्वत कांड का षडयंत्र रचकर रेंजर अरविंद अहिरवार को फंसाने का काम किया है।

वन विभाग द्वारा पिछले कुछ महीनों में अवैध सागौन तस्करी एवं वन्य संपदा चोरी में लिप्त वन माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर उनकी धड़पकड़ कर लाखों रुपए मूल्य की बेशकीमती अवैध सागौन लकड़ी एवं तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को जब्त किया गया है।

जिले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाइयों में 4 माह पूर्व शकील अहमद पठान और नवेद पठान पिता कदीर अहमद निवासी मकबरा बेगमगंज का नाम भी सामने आया था, जिनके खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की थी।जिसका बदला लेने के लिए शकील पठान एवं उसके भाई नवेद पठान ईओडब्ल्यू मामले में फरियादी बने ओर ईओडब्ल्यू टीम ने कल 20 मई को रेंजर अरविंद अहिरवार को पांच हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है ,हालांकि रेंजर अहिरवार का कहना है कि उन्हें बदले की भावना से झूठा फंसाया गया है।

रेंजर अरविंद अहिरवार ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि लकड़ी माफिया उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और बेगमगंज थाने में पहले ही शिकायत देकर बताया था कि कुछ लोग उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

अहिरवार ने दावा किया कि घटना से कुछ मिनट पहले उनके पास एक शिकायती आवेदन देने उनके पास नवेद पठान आया था उन्हें नहीं पता था कि उस आवेदन में पाउडर लगा है जो उनके द्वारा लिए जाने पर रंग उनकी उंगलियों में लग जाएगा ओर पांच हजार रुपए की कथित रिश्वत राशि भी उनके पास से बरामद नहीं हुई, बल्कि बाहर से लाकर जब्ती बनाई गई। उन्होंने ईओडब्ल्यू की पूरी कार्रवाई को संदिग्ध बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर रेंजर अरविंद अहिरवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी , मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य मंत्रियों एवं विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

रेंजर अरविंद अहिरवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाकर जंगलों में किए गए अवैध कब्जे हटवाए गए थे। साथ ही जंगली जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करने छोटे-छोटे तालाब भी बनवाए गए थे। वन माफियाओं और लकड़ी तस्करों के खिलाफ वे लगातार सख्त कार्रवाई करते रहे हैं।

अब वही रेंजर पांच हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं। ऐसे में क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जो अधिकारी लगातार वन माफियाओं पर कार्रवाई करता रहा है और स्वंय अपनी ओर से विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में हजारों रुपए दान करते है।क्या वह मात्र पांच हजार रुपए की रिश्वत लेकर अपनी छवि खराब करेगा। उन्हें तो साजिश के तहत फंसाया गया है।इसलिए उक्त कार्रवाई को समाप्त किया जाए।

वहीं दूसरी ओर रेंजर अरविंद अहिरवार के समर्थन में बेगमगंज क्षेत्र की समाजसेवी संस्थाएं और आम नागरिक ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। आज सुल्तानगंज में भी रेंजर अहिरवार को झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार को कर्मचारियों द्वारा एक ज्ञापन सौंपा कर कार्रवाई को समाप्त की मांग की गई है।

 

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