क्षेत्र में तेंदुआ और बाघ का आतंक, तीन दर्जन से ज्यादा पशुओं का कर चुके शिकार,गीदगढ़ में भी किया था हमला,
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची क्षेत्र के ग्राम पंचायत नरखेड़ा अंतर्गत ग्राम कुलहड़िया में तेंदुए ने एक बार फिर आतंक मचा दिया। तेंदुए ने ग्रामीण इरशाद खान के घर में बंधी गाय पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार कर पीछे का काफी सा खा गया। सुबह जब इरशाद खान पशुओं को देखने पहुंचे तो गाय मृत अवस्था में पड़ी मिली और उसके शरीर का पिछला हिस्सा तेंदुआ खा चुका था। घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई।
गाय मालिक ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने पर वन विभाग के नाकेदार गोविंद जाटव मौके पर पहुंचे और पंचनामा तैयार किया, ताकि पशु मालिक को मुआवजा मिल सके।
शनिवार को बालमपुर के पहाड़ पर भी तेंदुए का मूवमेंट दिखाई दिया। तेंदुए को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
तीन दिन पहले गुरुवार को भी गीदगढ़ गुफा मंदिर के पास तेंदुए ने जितेंद्र विश्वकर्मा की गाय की बछिया पर हमला कर उसे मार डाला था। क्षेत्र में बीते कई दिनों से तेंदुआ और बाघ लगातार सक्रिय हैं। वन्य जीव कयामपुर, संग्रामपुर, गीदगढ़, दीवानगंज, नरखेड़ा, अंबाडी, कुलहड़िया, झुंडखोया और बालमपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में देखे जा चुके हैं।
ग्रामीणों के अनुसार रात होते ही गांवों में डर का माहौल बन जाता है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी तेंदुआ कई पालतू पशुओं का शिकार कर चुका है और कुछ दिन पहले एक ग्रामीण पर हमला कर उसे घायल भी कर दिया था।
कुछ दिन पहले कयामपुर गांव में भी एक किसान की टपरिया में बंधी गाय पर बाघ ने हमला कर दिया था। बाघ गाय को घसीटकर ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन रस्सी से बंधे होने के कारण ज्यादा दूर नहीं ले जा सका और वहीं उसे मारकर खा गया था।
लगातार बढ़ रहे हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुआ और बाघ का जल्द रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाए, ताकि गांवों में रह रहे लोग और पशु सुरक्षित रह सकें।
वहीं वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए है। विभाग द्वारा ग्रामीणों को रात में अकेले बाहर न निकलने, पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लगातार वन्य जीवों की गतिविधियों से पूरा इलाका भय के साये में जी रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ और बाघ अब तक तीन दर्जन से ज्यादा जानवरों का शिकार कर चुके हैं।
जबकि रायसेन जिले में वन परिक्षेत्र सामान्य पश्चिम रायसेन के अंतर्गत वृत्त दीवानगंज में बाघ के विचरण को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अरूण कुमार विश्वकर्मा द्वारा दीवानगंज वनक्षेत्र से लगे ग्रामों में जनहानि ना हो, इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिनके तहत इन ग्रामों में कोई भी व्यक्ति रात्रि में अकेला भ्रमण न करें तथा आवश्यक हो तो ही सतर्कता रखते हुए समूह में घर से बाहर निकलें। ग्रामीण क्षेत्रों से लगे हुए वनक्षेत्रों में सतर्क रहें एवं ग्रुप में रहे जिससे जनहानि ना हो और बच्चों को अभिभावक स्कूल आते-जाते समय अकेले नहीं भेजें। कोई भी व्यक्ति अपने पालतू जानवर या गाय, भैंस, बकरी इत्यादि को वन क्षेत्रों से दूरी बनाकर अपने घर में सुरक्षित रखें। वन क्षेत्रों से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में दिन/रात्रि में विशेष सतर्कता बरती जाए, ग्रामीण क्षेत्रों में घर के खिड़की एवं दरवाजों को मजबूती से बंद रखा जाए। सर्चिंग के दौरान वृत्त दीवानगंज के आसपास 20 किमी की परिधि के अंतर्गत वनक्षेत्र में लगे ग्रामों में लगातार रूप से वन्यप्राणी बाघ का विचरण किया जा रहा है। जिसके दृष्टिगत जनहानि को रोकने दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।