तारकेश्वर शर्मा बम्होरी रायसेन
रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा के कस्बा बम्होरी में नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया। युवा कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष विश्वनाथ पटेल के नेतृत्व में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए।
बम्होरी के रानी अवंती बाई चौराहे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन मेघनगर बस स्टैंड तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “नीट घोटाले की जांच कराओ”, “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा, छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।

युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष विश्वनाथ पटेल ने कहा कि नीट पेपर लीक देश के करोड़ों छात्रों की मेहनत और सपनों के साथ धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उनका कहना था कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक माफिया और प्रशासनिक लापरवाही छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन करने की कोशिश भी की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली। हालांकि थाना प्रभारी प्रीतम सिंह की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और पुतला दहन नहीं हो सका।
बम्होरी थाना पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल पूरे प्रदर्शन के दौरान मौके पर तैनात रहा। प्रशासन को पहले से विरोध प्रदर्शन की सूचना मिल चुकी थी, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की।
युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि देश का छात्र अब चुप बैठने वाला नहीं है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए लगातार संघर्ष जारी रहेगा।