ग्राम तमोट की ‘सागर राइस मिल’ में 7 गोवंश की दर्दनाक मौत, साक्ष्य छुपाने के आरोप; प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
ग्राम तमोट स्थित ‘सागर राइस मिल’ में गोवंश की मौत का एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल (जिला भोजपुर) ने इस घटना को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (SDM) गौहरगंज को शिकायत सौंपते हुए मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राइस मिल परिसर के भीतर अपशिष्ट पानी के लिए बने गहरे दलदल/कीचड़ में 7 गायें फंसी हुई मृत अवस्था में पाई गईं। शवों की स्थिति अत्यधिक फूलना, तीव्र दुर्गंध और क्षत-विक्षत अवस्था से यह स्पष्ट होता है कि ये बेजुबान जानवर कई दिनों तक तड़पते रहे और अंततः भूख-प्यास व दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
संगठन का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। घटनास्थल से गोवंश के पुराने अवशेष और हड्डियां भी बरामद हुई हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि पूर्व में भी कई पशुओं की इसी प्रकार मौत हुई, जिन्हें प्रबंधन द्वारा छुपा दिया गया। इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 238 के तहत गंभीर अपराध बताया गया है।

फर्जी मालिक खड़े कर जांच भटकाने का आरोप
मामले को दबाने के लिए मिल प्रबंधन पर यह भी आरोप है कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों को गायों का “फर्जी मालिक” बनाकर आगे किया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके। संगठन ने इसे BNS की धारा 61 के तहत आपराधिक षड्यंत्र बताया है।
प्रबंधन पर सीधी जिम्मेदारी
संगठन का कहना है कि मिल परिसर में इतने खतरनाक और असुरक्षित गड्ढों का होना तथा पशुओं की मौत के बावजूद प्रबंधन का मौन रहना, मालिक, जीएम और एचआर प्रबंधन की सीधी लापरवाही और पशु क्रूरता को दर्शाता है।
प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें:
गायों के कथित मालिकों की पहचान का सत्यापन ‘ईयर टैग’ एवं पशुपालन विभाग के रिकॉर्ड से कराया जाए।
सभी मृत गोवंश का विशेषज्ञों द्वारा पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

मिल प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ BNS की धारा 325, 238, 61, 290 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए।
त्वरित कार्रवाई की मांग
निवेदक सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि यह मामला न केवल पशु क्रूरता का है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला है। संगठन ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।