भीषण गर्मी का असर: 40°C के पार पारा, मटकों की बढ़ी मांग, आज भी मटका बनाकर गांव-गांव बेच रहे हैं कुम्हार
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से तेज धूप और भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है और लोग जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
इस भीषण गर्मी के बीच पारंपरिक ठंडे पानी की मांग एक बार फिर बढ़ गई है। मिट्टी के मटके का ठंडा पानी लोगों को राहत दे रहा है। दीवानगंज क्षेत्र में प्रजापति समाज के लोग मोटरसाइकिल के माध्यम से गांव-गांव जाकर मिट्टी के मटके बेच रहे हैं।

दीवानगंज के पास ही स्थित ग्राम बरजोर पुर, जमुनिया, निनोद, सरार कयामपुर, सग्रामपुर, दीवानगंज , अंबाडी, सेमरा, मुड़ियाखेड़ा, भारतीपुर, शाहपुर, काली टोर ,पिपरई, मुस्काबाद , सत्ती बसिया में निवास करने वाले कुम्हार जाति के लोग अपनी जीविका के चलाने में असहनीय है जहां पर कुम्हार अपनी आजीविका चलाने के लिए चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाकर इस कला को जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन परिस्थितियां उनके प्रतिकूल बनी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मटकों की बिक्री में तेजी आई है, क्योंकि बिजली कटौती और फ्रिज की सीमित उपलब्धता के कारण लोग प्राकृतिक तरीके से पानी ठंडा रखने के विकल्प तलाश रहे हैं। मटके का पानी न केवल ठंडा होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के बीच मिट्टी के मटके एक सस्ता और प्रभावी विकल्प साबित हो रहे हैं। वहीं कुम्हार समुदाय के लिए भी यह समय रोजगार के अवसर लेकर आया है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।