मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
जिला मुख्यालय रायसेन स्थित श्री कृष्ण गौशाला परिसर में भगवान मीनेश के प्रकटोत्सव का कार्यक्रम बड़े ही श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान सत्यनारायण की कथा, हवन एवं विधि-विधान से पूजन के साथ हुई। इसके पश्चात गौशाला परिसर में गौ माता का पूजन कर उन्हें हरा चारा एवं अन्य आहार ग्रहण कराया गया। तत्पश्चात भगवान मीनेश की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस पावन अवसर पर जिले भर से आए सामाजिक बंधुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक एवं सामाजिक एकता का वातावरण बना रहा।

मुख्य अतिथि द्वारा समाज के लिए प्रेरणादायक उद्बोधन दिया गया, जिसमें सामाजिक एकता को मजबूत करने, कुरीतियों को समाप्त करने, मृत्यु भोज एवं दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही युवाओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने, उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने और समाज को शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष बबलू यशवंत मीणा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में मीणा समाज सेवा संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष मलखान सिंह मीणा, प्रदेश मंत्री दीवान सिंह मीणा, प्रदेश मंत्री एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष दातार सिंह मीणा, प्रदेश मंत्री रघुवीर मीणा, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमराज मीणा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सोनू मीणा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
संगठन पदाधिकारियों में जिला अध्यक्ष मिट्ठूलाल मीणा, युवा अध्यक्ष माधव मीणा,,संगठन महामंत्री भगवान सिंह मीणा (पटवारी), संगठन उपाध्यक्ष किशन सिंह मीणा, तोफान मीणा, नारायण सिंह मीणा, लीलाकिशन मीणा, इन्दल मीणा, भंवरलाल मीणा, प्रह्लाद मीणा जिला मीडिया प्रभारी प्रकाश मीणा सरपंच सुरेंद्र मीणा, सरपंच महेश मीणा, सरपंच हरिओम मीणा सरपंच रघुबीर मीणा एवं समस्त सामाजिक बंधु कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सहभोज (प्रसादी) का आयोजन किया गया, जिसमें सभी सामाजिक बंधुओं एवं अतिथियों ने एक साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की। सहभोज के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारा एवं आपसी सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत किया गया।

अंत में सभी अतिथियों एवं सामाजिक बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए समाज की उन्नति, एकता एवं धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का समापन प्रसादी वितरण के साथ हुआ।