शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
अयोध्या में चैत्र कृष्ण नवमी में जन्मे राजा नाभि व रानी मरुदेवी के पुत्र ने मोक्ष का मार्ग प्रशक्त किया।युग के प्रारंभ में सभ्यता व कलाओं में कृषि , लेखन शिल्प का विकास करने वाले जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ( ऋषभदेव ) जी की जयंती पर जैन समाज द्वारा त्रिमूर्ति मंदिर हदाईपुर से उनकी शोभायात्रा निकल गई जो नगर के मुख्य मार्ग से वापस मंदिर पहुंची और यहां विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद उनका अभिषेक किया गया।
दिगंबर जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार जैन प्रिंस ने बताया कि आज जैन समाज के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ( ऋषभदेव ) जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई।
शोभायात्रा नगर के हदाईपुर मोहल्ला स्थित त्रिमूर्ति दिगंबर जैन समाज मंदिर से चांदी की पालकी में सवार होकर उनकी शोभायात्रा डीजे , बैंडबाजों के साथ भजन कीर्तन करते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा निकाली गई।
शोभायात्रा जैन मंदिर हदाईपुर से नया बस स्टैंड , महाराणा प्रताप रोड , गांधी बाजार , कबीट चौराहा होकर बड़ा दिगंबर जैन मंदिर पहुंची ।यहां से पुनः गांधी बाजार , पुराना बस स्टैंड होकर सागर रोड स्थित अजय जैन अज्जू पार्षद के निवास के सामने से होकर वापस त्रिमूर्ति दिगंबर जैन मंदिर हदाईपुर पहुंची।इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं द्वारा भगवान आदिनाथ का विधि विधान से पूजन के साथ अभिषेक किया गया।