उल्लास कार्यक्रम के राष्ट्रीय दल द्वारा उल्लास साक्षरता केंद्र सांकरा में विचार-विमर्श
सुरेन्द्र जैन धरसीवां
उल्लास (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) नवभारत साक्षरता कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है। 1 अप्रैल 2022 से प्रारंभ यह कार्यक्रम 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों को बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मकता, जीवन कौशल तथा व्यावसायिक कौशल प्रदान करने का उद्देश्य रखता है। यह योजना साक्षरता को एक जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने का प्रयास करती है, जिसे जनसहभागिता के माध्यम से प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का क्रियान्वयन पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली में वयस्क शिक्षा के लिए सशक्त घटक के रूप में स्थापित राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ का दल इन दिनों छत्तीसगढ़ राज्य के दौरे पर है। इस दौरान दल द्वारा उल्लास केंद्रों की वर्तमान स्थिति, अकादमिक सहयोग, शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी उपयोग, स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका, डिजिटल एकीकरण तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर नवसाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों के साथ चर्चा की जा रही है। साथ ही राज्यों के अनुभवों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान भी इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसी क्रम में राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ के दल ने विकासखंड धरसीवां के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सांकरा में संचालित उल्लास केंद्र का दौरा किया। दल में प्रो. डॉ अजीत कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय , मोनालिसा जी एनसीईआरटी , राजकुमार जी एनसीईआरटी , डेकेश्वर वर्मा सहायक प्राध्यापक एससीईआरटी व प्रभारी एससीएल एवं डॉ कामिनी बावनकर डीपीओ रायपुर शामिल थे।
दल द्वारा नवसाक्षरों, स्वयंसेवी शिक्षकों, ग्राम के सरपंच तथा स्थानीय शिक्षकों के साथ उल्लास कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा नृत्य के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में दल द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला नवसाक्षरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया तथा स्वयंसेवी शिक्षकों के योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले नवसाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सरपंच रघुनाथ साहू, उपसरपंच योगेश साहू , प्रधानपाठक दुर्गा जोशी पाठक, भुनेश्वरी नायक , सहायक नोडल अधिकारी अरुण देवांगन एवं भुनेश्वरी वर्मा सहित बड़ी संख्या में नवसाक्षर व स्वयंसेवी शिक्षक उपस्थित थे | कार्यक्रम का सफल सञ्चालन शिक्षक चंचल शुक्ला के द्वारा किया गया |