देवेन्द्र तिवारी सांची, रायसेन
सांची एक विश्व ऐतिहासिक स्थल के रूप में विख्यात हैं यहाँ अनेक होटलों दुकानों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध रहती हैं परन्तु इस स्थल पर खाद्य विभाग को खाद्य पदार्थ जांचने की कभी फुरसत ही नहीं मिल पाती जिससे लोगों तक पहुंचने वाली खाद्य सामग्री का पता चल सके कितनी उपयुक्त है अथवा अनुपयोगी ।जिससे प्रदूषित खाद्य पदार्थों की जांच हो सके।
जानकारी के अनुसार इस स्थल की प्रसिद्धि अपने आप मे एक विशेष महत्ता रखती है यहां देशविदेशी पर्यटकों का आना जाना तो लगा ही रहता है तथा दुकान होटलों तक भी अपनी भूख बुझाने पहुंच जाते है परन्तु यहां बिकने वाली खाद्य सामग्री कितनी उपयोगी होती हैं अथवा कितनी नहीं ।खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री की चिंता न तो स्थानीय प्रशासन को होती हैं न ही खाद्य विभाग को ही सुध लेने की फुरसत मिल पाती हैं तथा खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री लोगों के स्वास्थ्य पर कितना विपरीत प्रभाव डालती हैं इस से संबंधित अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं रहता जिसका खामियाजा आम नागरिकों को अपने स्वास्थ्य पर पडने से भुगतना पडता है हालांकि चर्चा तो इतनी तक होते सुनाई दे जाती हैं कि दो तीन माह में खाद्य विभाग का अमला तो यहां तक पहुंच जाता है परन्तु अपनी जेबें गर्म कर बेरंग होता है यही कारण रहता है जब सैकड़ों की संख्या में अनेक स्थानों पर बिकने वाली प्रदूषित खाद्य सामग्री के कभी कोई प्रकरण दर्ज हो सके हो ।कहीं न कहीं खाद्य विभाग पर सवाल खड़े होते दिखाई देते है तथा बेफिक्र बिना किसी भय के प्रदूषित खाद्य पदार्थ लोगों तक पहुंच जाते है इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग भी इस सब गौरखधंधे से बेफिक्र बना रहता है तब इस स्थल पर खुलेआम प्रदूषित खाद्य सामग्री का चलन आम हो चुका है ।हालांकि अनेक बार कलेक्टर स्वयं जिलेभर में प्रदूषित खाद्य पदार्थों पर शिकंजा कसने के आदेश निर्देश जारी कर चुके है परन्तु मजाल है खाद्य विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन के कान पर जूं रेंग सकी तथा खुले आम इस ऐतिहासिक स्थल पर प्रदूषित खाद्य सामग्री पर अंकुश लगने का नाम नहीं ले पा रहा है।इस मामले में इनका कहना है।।हम खाद्य विभाग के साथ संयुक्त कार्यवाही करेंगे तथा नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।।
यह हमारे अधीन नहीं आती खाद्य विभाग कार्यवाही कर रिपोर्ट जिलास्वास्थ्य विभाग को देता है उसपर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।रवि राठौर बीएम ओ सांची