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रायसेन जिले में अब ई टोकन से मिलेगा रासायनिक खाद

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सी के पारे रायसेन 

मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश की कृषि व्यवस्था को डिजिटल पारदर्शी एवं जवाबदेही बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की, इसी प्रकार रायसेन जिले में गुरुवार से ई विकास प्रणाली व्यवस्था प्रारंभ हो गई है।जिसके तहत किसानों को ई टोकन के माध्यम से उर्वरक मिलेगा। इस प्रणाली के तहत किसानों को डिजिटल टोकन प्रदान किया जाएगा। जिसमें उनकी आवश्यकता का अनुसार उर्वरक की मात्रा वितरण केंद्र तिथि और समय अंकित होगा। टोकन एसएमएस,मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।
इस प्रणाली से किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध होगा। साथ ही कालाबाजारी और बिचोलियों की भूमिका भी समाप्त होगी।किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। और वे अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक विक्रेता का भी चयन कर सकते हैं।
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर जिले भर में यह प्रणाली शुरू की गई है। विपणन संघ रायसेन के उर्वरक वितरण केंद्र पर ई टोकन के माध्यम से खाद लेने पहुंचे किसानों का जिला विपणन अधिकारी कल्याण सिंह ठाकुर ने किसानों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

विपणन अधिकारी ने बताया कि कृषकों को समय सीमा में पारदर्शी ता के साथ उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा ई टोकन एवं उर्वरक वितरण लागू की जा रही है। कृषक स्वयं भी अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक क्रय कर सकते हैं । इसके लिए किसान अपने मोबाइल के माध्यम से निम्नानुसार प्रक्रिया कर ई टोकन जारी कर गूगल पर लिंक के माध्यम से कृषक अपने आधार नंबर एवं ओटीपी फिड कर लॉगिन कर सकते हैं। यदि कृषक सहकारी समिति के सदस्य हैं या नहीं का चयन कर सकते हैं। पोर्टल पर प्रदर्शित होने के उपरांत किसान भाई उर्वरक विक्रेता, मार्कफेड, एमपी एग्रो, विपणन समिति एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां उपलब्ध स्टाक की जानकारी स्वयं ही देख सकते हैं। जिससे किसान अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक विक्रेताओं का चयन कर ई टोकन जारी हो जाएगा। किसान चयनित उर्वरक विक्रेताओं के यहां से 3 दिन के अंदर और उर्वरक क्रय कर सकते हैं। किसान विक्रेता के पास जाकर विक्रेता द्वारा मोबाइल ऐप से किसान का ई टोकन स्कैन कर उर्वरक वितरण की पुष्टि भी कर सकते हैं। उसके बाद उर्वरक प्राप्ति के बाद किसानों को एसएमएस एवं व्हाट्सएप के माध्यम से भी भुगतान रसीद प्राप्त कर सकता है।किसान द्वारा तीन दिन के अंदर खाद नहीं उठाता है तो टोकन स्वतःही निरस्त हो जाएगा। ऐसी स्थिति में 3 दिन के बाद दोबारा ई टोकन जनरेट करना होगा।इस दौरान जिला विपणन अधिकारी ऐ के पुरोहित मार्केटिंग अधिकारी एवं समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहे ।
पुरोहित जी ने बताया कि इस नवीन विकास प्रणाली से न केवल किसानों को उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित होगी बल्कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इस नवीन ई विकास प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने और किसान हित में कार्य करने का आग्रह भी किया है।

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