– कलेक्टर के आदेश पर तहसीलदार ने फ़िल्टर प्लांट का किया निरीक्षण
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
इंदौर में नगर निगम द्वारा दूषित पानी की सप्लाई से दूषित पानी पीने से हुई मौतों के प्रदेश के अन्य जिलों में प्रशासन हरकत मे आया।स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। रायसेन ज़िले के कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश के बाद शनिवार को ग़ैरतगंज के प्रशासन ने आनन-फानन में पेयजल आपूर्ति केंद्रों की जांच शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को तहसीलदार नरेश सिंह राजपूत ने ग़ैरतगंज नगर की मुख्य ‘सेमरी पेयजल योजना’ के तहत गै़रतपुर में बने फ़िल्टर प्लांट का मुआयना किया।

मुआयने के दौरान तहसीलदार ने प्लांट में पानी के शुद्धिकरण की प्रक्रिया को देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नगर में सप्लाई होने वाले पानी की शुद्धता से किसी भी तरह का समझौता न किया जाए। मुआयने के दौरान पेयजल की शुद्धता, पानी में बलीचिंग और फिटकरी की सही मात्रा का इस्तेमाल हो, प्लांट परिसर और टंकियों के आसपास पर्याप्त स्वच्छता बनाए रखना। प्लांट में जो भी छोटी-मोटी कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल दूर करने के कड़े निर्देश दिए गए।
तहसीलदार ने गैरतपुर में फिल्टर प्लांट का दौरा कर मुआयना किया
दूषित पानी पीने की वजह से हुई जनहानि के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। ज़िले भर में जल प्रदाय केंद्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है। तहसीलदार नरेश सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के अचानक मुआयने जारी रहेंगे। इस दौरान राजस्व विभाग का अमला, नगर परिषद के संबंधित कर्मचारी भी मौजूद थे।