शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
अनुसूचित जनजाति द्वारा अपने आराध्य भगवान बिरसा मुंडा जयंती धूमधाम से मनाई गई। बड़ी संख्या में तहसील भर से एकत्रित हुए अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोग रंगबिरंगी परंपरागत पोशाकों नांचते -गाते हुए लोहा मिल से दशहरे मैदान तक जुलूस के रूप में पहुंचे।
जगह-जगह जुलूस का स्वागत राजनेताओं , समाजसेवियों एवं भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष , पार्षद अजय जाट एवं विधायक देवेंद्र पटेल के समर्थकों द्वारा भव्य स्वाग किया गया।
भारत के स्वाधीनता संग्राम के महानायक मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए जनजाति समाज को अंग्रेजों की युद्ध एकजुट करने वाले देशभक्त एवं जननायक बिरसा मुंडा की जयंती पर गरिमामय कार्यक्रम दशहरा मैदान में आयोजित हुआ। जिसमें सैकड़ों की संख्या में बेगमगंज एवं सिलवानी तहसील के स्वजन बंधुओं सहित अन्य सामाजिक एवं राजनीतिक दलों के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहाकि 150 वर्ष पहले बिरसा मुंडा का जन्म हुआ अब इस देश के मूल निवासी हैं , छोड़ी गई संस्कृति को समाज को बताने की जरूरत है। जय पिता सेवा मां इस तरह से पिता हमारा पोशाक है।

जल जंगल जमीन हवा यह हमारी प्रकृति है, धरती का चोला की प्रकृति में दाना डालते हैं ,उसका रंग पीला है इस धरती से बच्चा पैदा होता है मां का दूध भी पीला होता है। गाय का प्रथम दूध भी है पीला होता है।इसलिए शादी विवाह में सारी समाज उपयोग किया करती है। विरासत में मिले साहित्यिक अभिलेखों में जनजाति उल्लेख किया है और हम संविधान को जल जंगल जमीन की जंग शुरू कर दी थी।
कार्यक्रम को कुंवर धर्मवीर सिंह ,कुंवर नीलमणि शाह, कुंवर सुरजीत सिंह,निशा मसकौले, ऋतु मरावी, स्वाति मसकौले, घनश्याम चीचाम, राजकुमार मरावी सूरज उइके इत्यादि ने संबोधित करते हुए अपनी- अपनी बात रखी ।
मंच संचालन देवदास उइके ने ओर सभी का आभार प्रदर्शन किया।
फोटो – बेगमगंज में हर्षोल्लास से मनी बिरसा मुंडा जयंती ।