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प्रयागराज महाकुंभ से पूरे देश में चर्चा का विषय रही हर्षा रिछारिया पहुंची रायसेन, पत्रकारों से हुई रूबरू

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– बोली में कोई साध्वी नहीं मैं तो सिर्फ साधक और धर्म प्रचारक की भूमिका में काम कर रही हूं

सी एल गौर रायसेन

प्रयागराज महाकुंभ के समय से पूरे देश में चर्चित रही सुप्रसिद्ध एंकर एवं सिंगर हर्षा रिछारिया बुधवार को शाम राजधानी भोपाल से रायसेन पहुंची जहां उन्होंने समाजसेवी मुन्नालाल सोनी के निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मैं सब कुछ छोड़कर अध्यात्म मार्ग में काम कर रही हूं , उन्होंने कहा कि वे कोई साध्वी नहीं है सिर्फ धर्म प्रचारक और एक साधक के रूप में धर्म ध्वजा को आगे बढाने का काम कर रही है । पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने देश के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आज के दौर में युवा पीढ़ी पथ भ्रमित होती जा रही है मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि इस युवा पीढ़ी को धर्म के रास्ते लाया जाए ताकि उन्हें गलत रास्ते पर जाने रोका जा सके ।

उन्होंने आजकल के दौर में घटित हो रही एक धर्म से दूसरे धर्म में जाने के मामले में कहां की आजकल कुछ लड़कियां भी गलत रास्ते पर चलकर अपनी मनमर्जी कर रही हैं और गलत रास्ते पर जा रही है,जिन्हें सही दिशा देना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि आजकल लावजिहाद की घटनाएं ज्यादा हो रही है जो कि समाज में चिंता का विषय है लवजिहादियों को तो कठिन से कठिन कानूनी सजा मिलना चाहिए। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज महाकुंभ में तमाम साधु-संत और देश-विदेश में करोड़ों लोग आस्था की डुबकी लगाने के लिए मां गंगाजी के तट पर पहुंचे थे. तबसे आज तक साध्वी हर्षा रिछारिया चर्चा में बनी हुई हैं। सोशल मीडिया पर भी हर्षा रिछारिया खूब सुर्खियां बटोर चुकी हैं, महाकुंभ में शीमिल होने के लिए हर्षा रिछारिया रथ पर सवार होकर पहुंचीं थी इस दौरान उन्होंने माथे पर तिलक और फूलों की माला पहनी थी उस समय उन्हें महाकुंभ की ‘सबसे सुंदर साध्वी’ भी कहा जा रहा था । बतादे कि हर्षा एक एंकर थीं जो कि अब साध्वी की भूमिका में नजर आ रही हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर हर्षा अचानक साध्वी कैसे बनीं और उन्हें इस मार्ग पर आने के लिए किसने प्रेरित किया तो आपको बतादे कि हर्षा रिछारिया के जीवन से जुड़ी कुछ और महत्वपूर्ण बातें हैं कि उनके गुरु आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानंद गिरी जी महाराज महामंडलेश्वर हैं जो कि निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार से आते हैं, हर्षा साध्वी बनने से पहले मॉडल और सेलिब्रिटी एंकर भी रह चुकी हैं, परंतु भाई पिछले दो वर्षों से साध्वी की तरह अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। हालांकि उत्तराखंड की रहने वाली हर्षा रिछारिया अभी पूर्णरूप से साध्वी नहीं बनी हैं. उनका कहना है कि वे अभी साध्वी बनने के मार्ग पर चल रही हैं और उन्हें अभी उनके गुरु देव से दीक्षा नहीं मिली है हिंदू धर्म में नागा साधु-संत या साध्वी बनने के लिए गुरुदेव से दीक्षा लेना बहुत जरूरी होता है और अभी वह दीक्षा उन्हें नहीं मिली। वे अभी अपने आप को साधक और धर्म प्रचारक मानकर चल रही हैं। बातचीत के दौरान आखिर में उन्होंने कहा कि मुझे मीडिया से यहां रूबरू होकर बहुत अच्छा लगा।

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