Let’s travel together.

घातक रेबीज़ वायरस मस्तिष्क पर डालता है हानिकारक प्रभाव रेबीज़ का इलाज संभव नहीं

0 121

 देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल 

आजकल गलियों में आवारा कुत्तों के हमले व काटने की घटनाएँ बढ़ रही है कई बार ये आवारा कुत्ते झुण्ड में हमला करते हैं ये बहुत ही खतरनाक होता है क्योंकि ये आवारा कुत्ते भयानक बीमारी रेबीज़ से संक्रमित हो सकते हैं । आइए जानते हैं रेबीज़ क्या है और यह कुत्ते के काटने पर कैसे प्रभावित कर सकता है?घातक रेबीज़ वायरस मस्तिष्क पर हानिकारक प्रभाव डालता है और संक्रमित जानवर की लार के संपर्क में आने से फैलता है। पालतू जानवर, मवेशी, वन्यजीव और इंसान सभी इससे प्रभावित हो सकते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई यह है कि यह वायरस लगभग जानलेवा होता है। एक बार इस घातक वायरस के लक्षण दिखाई देने पर, कुछ ही दिनों में मृत्यु की आशंका रहती है। हर साल जानवरों में रेबीज़ के लगभग 5,000 मामले सामने आते हैं, जिनमें से ज़्यादातर जंगली जानवर होते हैं। चमगादड़, रैकून, लोमड़ी और स्कंक ऐसे जानवर हैं जिनमें इस वायरस के फैलने की सबसे ज़्यादा संभावना होती है। यदि कुत्ता रेबीज से संक्रमित है, तो उसके काटने या उसकी लार के संपर्क में आने के बाद लक्षण 10 से 14 दिनों के भीतर प्रकट हो सकते हैं, लेकिन जोखिम के प्रकार के आधार पर, उन्हें प्रकट होने में महीनों या वर्षों का समय भी लग सकता है।वायरस को तंत्रिका तंत्र से होते हुए मस्तिष्क तक पहुंचना होता है, यदि प्रारंभिक संपर्क दूर से हुआ हो तो इसमें अधिक समय लग सकता है। यदि किसी कुत्ते को रेबीज़ है, तो उसमें विभिन्न संकेत और लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे अलग तरह से भौंकना अत्यधिक लार आना असामान्य आक्रामकता, भय, या यहाँ तक कि स्नेह स्पर्श, ध्वनि या प्रकाश के प्रति अति प्रतिक्रिया उस स्थान पर काटना जहाँ वे वायरस के संपर्क में आए थे निगलने में कठिनाई चलते समय संतुलन खोना आंशिक या पूर्ण पक्षाघात गिरना रेबीज़ से ग्रस्त कुत्ता असामान्य व्यवहार कर सकता है, जिसमें गोल-गोल घूमना या चक्कर लगाना शामिल है। यह रेबीज़ वायरस के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने के कारण होता है, जिससे मस्तिष्क में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा होती हैं, जो ऐसे व्यवहार का कारण बन सकती हैं। यदि आप किसी कुत्ते को इस तरह का व्यवहार करते हुए देखते हैं, खासकर यदि वह आपको काटने या खरोंचने की कोशिश कर रहा हो, तो उसे तुरंत पशु चिकित्सक के पास ले जाएं और संपर्क करने से पहले खुद भी सावधानी बरतें। रेबीज़ के लक्षण और व्यवहार तंत्रिका संबंधी लक्षण रेबीज़ मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। जब वायरस दिमाग तक पहुंच जाता है, तो यह तंत्रिका संबंधी लक्षण पैदा करता है, जिनमें गोल-गोल घूमना, भटकाव या असंतुलन शामिल हो सकते हैं। अन्य व्यवहारिक बदलाव: संक्रमित कुत्ते आक्रामक हो सकते हैं, डरपोक बन सकते हैं, या बहुत ज़्यादा उत्तेजित हो सकते हैं। शारीरिक लक्षण: रेबीज़ के अन्य लक्षणों में अत्यधिक लार बहना, निगलने में कठिनाई, और लकवाग्रस्त होने से पहले व्यवहार में बदलाव शामिल हो सकते हैं। यदि आप ऐसे कुत्ते को देखें तो सुरक्षित दूरी बनाएँ रेबीज़ एक घातक बीमारी है और संक्रमित जानवरों के काटने या खरोंचने से मनुष्यों में फैल सकती है। इसलिए ऐसे किसी भी कुत्ते से दूरी बनाएँ जो असामान्य व्यवहार कर रहा हो। यदि आपको रेबीज़ के लक्षण वाला कुत्ता दिखता है, तो तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सक से संपर्क करें। वे उचित कदम उठा सकते हैं और कुत्ते का इलाज या निदान कर सकते हैं। खुद को सुरक्षित रखें यदि आपको किसी रेबीज़-संक्रमित जानवर द्वारा काटा या खरोंचा गया है, तो घाव को तुरंत साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। रेबीज़ का इलाज संभव नहीं है एक बार जब कुत्ता रेबीज़ से संक्रमित हो जाता है, तो कोई भी पशु चिकित्सक इस बीमारी का इलाज नहीं कर सकता।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

आचार्य श्री समय सागर महाराज से लिया सागर समाज ने आशीर्वाद     |     चाकू की नोक पर श्रमिक से लूटपाट,हिस्ट्रीशीटर सहित तीन गिरफ्तार     |     शराब परिवहन करते वाईक सहित दो गिरफ्तार     |     राजनीतिक ताकत बन रहे युवा किसी का सियासी टूल न बन जाएं.. अजय बोकिल      |     नवनियुक्त एल्डरमैन ने भोपाल पहुंचकर किया मंत्री का आभार व्यक्त,मंत्री ने सभी एल्डरमैन का स्वागत कर दी बधाई     |     गुरुकुल महिला महाविद्यालय का ‘दीक्षारंभ समारोह     |     छत्तीसगढ़ में औषधीय खेती की बड़ी क्रांति,वन मंत्री और विधायक ने 228 हितग्राहियों को बांटे एक करोड़ से अधिक के अग्रिम चेक     |     श्मशान घाट न होने से बरसते पानी में अंतिम संस्कार के लिए मजबूर ग्रामीण     |     यात्री बसों में भारी किराया वृद्धि के विरोध में जेनजी सड़कों पर, रैली निकालकर एसडीएम को दिया ज्ञापन     |     खिलाड़ियों और छात्रों ने खेल मैदान को लेकर दिया ज्ञापन     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811