दाहोद रेंज का मामला, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
रामभरोस विश्वकर्मा मंडीदीप/औबेदुल्लागंज रायसेन
औबेदुल्लागंज वन मंडल की दाहोद रेंज में नूरगंज रोड के पास कागवान क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक बाघिन का शव किसान के खेत में मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही रोक दी।

वन विभाग की टीम ने बाघिन के शव को पॉलीथिन से कवर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में बाघिन की मौत खेत में बिछाए गए बिजली के तारों की चपेट में आने से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

बताया जा रहा है कि बाघिन का शव करीब दो दिन पुराना था। मामले की जांच के दौरान वन मंडल के जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल किए गए, लेकिन अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी देने से बचने की बात सामने आई। डीएफओ हेमंत रैकवार से भी जवाब मांगा गया, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।

एक माह से क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की चर्चा
स्थानीय रहवासियों के अनुसार औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा से लेकर नूरगंज और दाहोद क्षेत्र में करीब एक महीने से बाघ की मौजूदगी देखे जाने की चर्चा थी। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को सूचना दिए जाने के बावजूद वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध बिजली कनेक्शनों की निगरानी को लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।

बाघिन की मौत के बाद अब वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विभाग द्वारा खेतों और जंगल से लगे क्षेत्रों में अवैध बिजली कनेक्शनों की जांच तथा वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी स्थानीय लोगों की नजर है।
मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा, लेकिन घटना ने वन्यजीवों की सुरक्षा और बिजली के अवैध इस्तेमाल की निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।