– वही गीदगढ़ से महुआ खेड़ा तक का रोड 10 महीने बाद भी अधूरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
10 महीने पहले क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रभु राम चौधरी ने 2 करोड़ 23 लाख से तीन ग्रेवल रोड का किया भूमि पूजन किया था। जिसमें गिदगड़ पंचायत के प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क गीदगढ़ पुलिया से लेकर महुआ खेड़ा तक 2 कलोमीटर का ग्रेवल रोड लगभग 62 लाख रुपए से निर्माण होना था। ठेकेदार ने बारिश से पहले थोड़ा बहुत काम कर अधूरा छोड़ दिया। जो 10 महीने बाद भी आज तक अधूरा पड़ा हुआ है।

वही ग्राम पंचायत सरार के ग्राम बरजोर पुर से जमुनिया तक 3: 50 किलोमीटर ग्रेवल रोड 1. 23 लाख रुपए से आरइएस विभाग द्वारा बनाया गया था लेकिन बने हुए 6 महीने भी नहीं बीते की कई जगह रोड खराब हो गया विभाग ने कई जगह नाली के लिए रोड तो खोद दिए मगर उसमें पाइप डालना भूल गए। सड़क पर गिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया। जिससे आए दिन बाइक चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि बीच सड़क पर बड़ी-बड़ी नालियां छोड़ दी गईं। मगर उनमें सीमेंट पाइप तक नहीं डाले गए। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी ठेकेदारों और विभाग की मिलीभगत से घटिया काम कराया गया है। जिससे जनता की गाढ़ी कमाई पानी में चली गई। विकास के नाम पर किया गया यह मजाक अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

सरार सरपंच नरेश चौधरी ने कहा कि
बरजोरपुर से जमुनिया गांव तक 1 करोड़ 23 लाख रुपए से ग्रेवल रोड बना है। आपके द्वारा यह बताया गया है कि रोड जगह जगह से खराब हो गया है तो में इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देकर मामले की जांच कराई जाएगी। वही मेरे रेखदेख में बरजोरपुर के कारस देव मंदिर से खेड़ापति हनुमान मंदिर तक 1.30 किलोमीटर का ग्रेवल रोड 39.98 हजार से ग्रेवल रोड का काम हुआ है। उसको देख लो और आरइएस विभाग द्वारा बना रोड देख लो दोनों में साफ अंतर दिख जाएगा।

वही गीदगढ़ सरपंच लीला किशन अहिरवार ने बताया कि 62 लाख रुपए से गीदगढ़ से लेकर महुआ खेड़ा तक का रोड का काम आरइएस विभाग द्वारा किया जा रहा था लेकिन विभाग ने बारिश से पहले ही काम बंद कर दिया जो आज तक नहीं हुआ है अब ग्रामीण बारिश के कारण अपनी जान जोखिम में डालकर 2 किलोमीटर का मार्ग रेल की पटरी के ऊपर चलकर अपने गांव पहुंच रहे हैं। कभी भी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।