रजनी खेतान
अमृतसर/इंदौर। एकेडमी ऑफ़ रीजनल एनेस्थीसिया ऑफ़ इंडिया (AORA of India) का वार्षिक सम्मेलन गत सप्ताह अमृतसर में संपन्न हुआ। सम्मेलन के दौरान हुई एग्जीक्यूटिव मीटिंग में इंदौर शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जावेद अनवर खान, डायरेक्टर एनेस्थीसिया एवं पेन मैनेजमेंट, को आगामी वर्ष के लिए प्रेसिडेंट चुना गया।
डॉ. खान इस प्रतिष्ठित पद पर पहुँचने वाले सेंट्रल इंडिया के पहले विशेषज्ञ हैं। चिकित्सा जगत इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहा है।
AORA ऑफ़ इंडिया की स्थापना 15 वर्ष पूर्व देशभर में रीजनल एनेस्थीसिया को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी। संस्था न केवल वार्षिक सम्मेलन आयोजित करती है बल्कि विभिन्न शहरों में वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए एनेस्थीसिया विशेषज्ञों को नई तकनीक सिखाने का कार्य भी करती है।
क्या है रीजनल एनेस्थीसिया?
इस तकनीक में मरीज को पूर्णतः बेहोश करने की बजाय केवल शरीर के एक हिस्से को सुन्न कर सर्जरी की जाती है। यह तरीका उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी साबित होता है, जिनके लिए सामान्य एनेस्थीसिया जानलेवा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस विधि से जटिल ऑपरेशन भी सुरक्षित ढंग से किए जा सकते हैं।
चिकित्सा समुदाय का मानना है कि डॉ. जावेद अनवर खान के नेतृत्व में AORA ऑफ़ इंडिया की गतिविधियाँ और अधिक प्रभावशाली होंगी और देशभर में इस तकनीक का उपयोग बढ़ेगा।
डॉ. खान को उनकी इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय स्तर पर बधाइयाँ दी जा रही हैं।