मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत तीर्थधाम ज्ञानोदय मंदिर में भव्य जिनमंदिर में उत्तम त्याग धर्म हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रात: श्री जिनेन्द्र अभिषेक, पूजन के पश्चात दशलक्षण महामंडल विधान का आयोजन विधानाचार्य पंडित दीपक धवल के नेतृत्व में किया गया।

जयपुर से पधारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान डॉ. शांति कुमार पाटिल जयपुर के मार्मिक व्याख्यानों का लाभ सभी को मिला। जीवन में जो भी पाप पूर्वक कमाया है, उसे सहर्ष छोड़ देना ही उत्तम त्याग है। जो व्यक्ति अपनी इच्छाओं को सीमित कर लेता है, वह अपनी अतिरिक्त वस्तुओं को त्यागने लगता है और उत्तम त्याग धर्म उसके भीतर प्रकट हो जाता है। त्यागी व्यक्ति किसी को कुछ देने के बाद यह भाव मन में रखता है कि जो मैंने दिया वह आपके लिए नहीं बल्कि स्वयं के पुण्य अर्जन के लिए ही किया। ऐसा ही भाव त्यागी व्यक्ति रखता है कि वह जो भी कर रहा है, अपने लिए ही कर रहा है, अपने कल्याण के लिए ही कर रहा है।
कार्यक्रम में भोपाल, विदिशा के अतिरिक्त सागर, टीकमगढ़, दमोह, कटनी, बुरहानपुर, औरंगाबाद, अकोला आदि देश के विभिन्न स्थानों से पधारे हुए साधर्मी प्रतिदिन लाभान्वित हो रहे हैं।