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घोड़ा पछाड़ नदी की बाढ़ कई किसानों की फ़सले चौपट

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  मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन 

सांची विकासखंड के कई गांवों के किसानों की घोड़ा पछाड़ नदी के उफान पर आने के कारण फसलें चौपट हो गई हैं। कई किसानों की फसलें पानी में बह गई हैं। जिससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है।
घोड़ा पछाड़ नदी के उफान पर आने से फसलें 24 घंटे से ज्यादा पानी में डूबी रहीं और जब गुरुवार की सुबह खेतों का पानी कम हुआ, तो फसलें काली पड़ चुकी थीं। फसलें खराब होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

नदी का जलस्तर बढऩे से नदी किनारे वाले खेतों में पानी भरने लगा था। 24 घंटे बाद बुधवार की सुबह से पानी कम होना शुरू हुआ और दूसरे दिन शाम तक खेत खाली हो गए थे। खेतों से पानी तो निकल गया, लेकिन उससे फसलों को हुए नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसलें काली पडकऱ खराब हो गई हैं, जिससे अब किसानों के हाथ कुछ नहीं आएगा और लागत भी पानी में चली गई। कई किसानों की फसलें तो पानी में बह गई हैं।
कोमल बाई, हेमराज कुशवाह, अमरचंद अहिरवार ,राधेश्याम साहू, मनोज साहू ,इमरती बाई ,शिवनारायण अहिरवार ,धन सिंह साहू ,प्रकाश सेन सहित अन्य किसानों की नदी के फसल बाढ़ में तबाह हो गई है। यह सभी किसान फसलों की स्थिति देखकर चिंतित हैं कि अगली फसल की बोवनी कैसे होगी। किसान फसलों का सर्वे कराने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि नदी किनारे वाले गांवों के कई किसानों कई एकड़ की फसल खराब हुई है। राकेश साहू निवासी अंबाडी की जमीन केमखेड़ी में है 5 एकड़ में धान लगी हुई थी, शिवनारायण अहिरवार निवासी महुआ खेड़ा की 5 एकड़ में धान लगी थी कोमल बाई निवासी अंबाडी की 2 एकड़ में धान 3 एकड़ में सोयाबीन था। अमरचंद निवासी अंबाडी 5 एकड़ में सोयाबीन लगा था। इनके अलावा भी कई किसानों के खेतों में सोयाबीन और धान लगी थी इन सभी की जमीन केमखेड़ी नदी के आसपास थी इन लोगों को ज्यादा नुकसान हुआ है।

किसानों का कहना है कि हर साल ऐसी ही स्थिति बनती है जिससे हम लोगों को काफी नुकसान पहुंचता है जबकि प्रशासन द्वारा किसानों को कुछ सहायता नहीं पहुंचाई जाती है हम सभी किसानों को बाढ़ में जो नुकसान हुआ है उसकी प्रशासन द्वारा भरपाई की जाए।

इनका कहना हे

मैंने कई एकड़ में धान और सोयाबीन बोया था मगर घोड़ा पछाड़ नदी के बाढ़ में सब फसल खराब हो गई है। जिससे मुझे काफी नुकसान पहुंचा है।
लीला किशन कुशवाह ग्राम अंबाडी 
मैंने 5 एकड़ में धान लगाई थी वह नदी के बाढ़ में पूरी तरह से तबाह हो गई है जिससे मुझे काफी नुकसान हुआ है प्रशासन द्वारा इसकी भरपाई की जाए।
राकेश साहू अंबाडी

हर साल घोड़ा पछाड़ नदी की बाढ़ में हम किसानों की फसलें खराब हो जाती है प्रशासन किशोर ध्यान नहीं देता जिससे हमें हर साल काफी नुकसान हो रहा है इस साल भी नदी के बाढ़ में पूरी फसल तबाह हो गई है।
अमरचंद अहिरवार  अंबाडी 

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