कुलुआ वन समिति कर रही क्षेत्र को हरा-भरा
धीरज जॉनसन की रिपोर्ट
दमोह:पर्यावरण संरक्षण और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लगातार पौधारोपण के लिए लोगों को जाग्रत और प्रोत्साहित भी किया जा रहा है जिससे आनेवाले समय में चहुओर हरियाली के साथ साथ शुद्ध हवा और ऑक्सीजन भी मिलती रहे व ग्लोबल वार्मिग के संकट से बचा जा सके जिसका असर भी दिखाई देता है और जागरूकता का परिणाम है कि वृक्षों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है जिसके कारण उपजाऊ भूमि बारिश के प्रभाव से बच भी जाती है।

शहर से लगभग 30-35 किमी दूर ग्राम कुलुआ में भी पौधो को बचाने और वृक्षारोपण के लिए जज्बा देखने मिला जहां 70 वर्षीय बुजुर्ग रूपनारायण मिश्रा पिछले 27 वर्षो से गांव के आस पास के इलाके को हरा भरा करने में व्यतीत कर रहे है जिनके प्रयासों से बंजर भूमि में अब पेड़ लहलहाते दिखाई देते है। वे बताते है कि पहले गांव में जंगल नहीं था लोग परेशान होते थे,दूसरे गांव जाकर जरूरत के लिए लकड़ी लाते थे जिसमें समय और धन खर्च होता था इसलिए 1995 में पहली बार उन्होंने खाली जगह पर पौधे लगाना शुरू किया और जो पहले से लगे हुए थे उन्हें संरक्षित कर सघन वन में तब्दील कर दिया जिससे शुद्ध हवा भी मिलने लगी 1999 में उनके कार्यों का परीक्षण हुआ और फिर जिले स्तर से लेकर राज्य स्तर तक वे और कुलुआ वन समिति सम्मानित हुई। जिसके प्रमाण पत्र उनके घर पर सुसज्जित है। इस समिति के सदस्य प्रत्येक पांच वर्ष में बदलते जाते है।

पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ अभियान के तहत उन्होंने विभाग के प्लांटेशन के साथ भी अब तक 250 एकड़ में असिंचित वृक्ष लगाने में सहयोगी रहे है और अब यहां 70 हेक्टेयर में पौधारोपण प्रस्तावित है।
न्यूज स्रोत:धीरज जॉनसन