न्याय की गुहार लेकर तहसील पहुंचे आदिवासी परिवार, मुख्यमंत्री सहित कई अधिकारियों के नाम सौंपा ज्ञापन
सिलवानी रायसेन। तहसील मुख्यालय में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया जब एक आदिवासी परिवार अपने घायल बेटे को न्याय दिलाने की मांग लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा। परिजनों ने नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह राजपूत को ज्ञापन सौंपते हुए वन विभाग के वनरक्षक जुबेर खान पर शासकीय वाहन से दुर्घटना करने, घायल युवक के साथ मारपीट करने, उपचार की व्यवस्था नहीं करने तथा बाद में झूठा प्रकरण दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार वार्ड क्रमांक-2 जेल रोड सिलवानी निवासी हेमंत आदिवासी 16 जुलाई 2026 को देवरी-सोडरपुर मार्ग से मोटरसाइकिल पर जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान वनरक्षक जुबेर खान द्वारा वन विभाग की शासकीय फोर व्हीलर वाहन को तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए उसकी बाइक को टक्कर मार दी गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हेमंत सड़क से उछलकर दूर खेत में जा गिरा। दुर्घटना में उसके पैर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दुर्घटना के बाद घायल युवक को सहायता उपलब्ध कराने के बजाय उसके साथ मारपीट की गई। परिवार का कहना है कि घटना को 20 दिनों से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक घायल के समुचित उपचार, आर्थिक सहायता या राहत के लिए वन विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे परिवार को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित पक्ष ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले को दबाने और वास्तविक घटना से ध्यान हटाने के उद्देश्य से हेमंत आदिवासी के खिलाफ मोटरसाइकिल चोरी का झूठा मामला थाना सिलवानी में दर्ज कराया गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वनरक्षक जुबेर खान का कुछ माह पूर्व स्थानांतरण हो चुका है, इसके बावजूद उन्हें अभी तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दुर्घटना और कथित मारपीट के दोषियों के खिलाफ वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, घायल युवक को समुचित उपचार और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा यदि झूठी रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर भी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन की प्रतिलिपियां मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मानव अधिकार आयोग, कलेक्टर रायसेन, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सिलवानी, एसडीओपी, थाना प्रभारी सिलवानी तथा डीएफओ रायसेन सहित विभिन्न विभागीय अधिकारियों को भेजी गई हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
मामला वन विभाग के एक कर्मचारी पर लगे गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब पीड़ित परिवार प्रशासन और शासन से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग कर रहा है। प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।