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फर्जी एनओसी तैयार की और बेच दी पांच करोड़ की सरकार जमीन, अब हुई एफआईआर

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– नपा की फर्जी एनओसी से सरकारी जमीन बेचने वालों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

– जमीन को खरीदने वालों को छोड़ा

– चार दिन पूर्व एसडीएम ने दिए थे एफआइआर के आदेश, अब जाकर हुई कायमी

 रंजीत गुप्ता शिवपुरी

शिवपुरी नगर पालिका के फर्जी एनओसी के माध्यम से पांच करोड़ रुपए मूल्य की एक सरकारी जमीन बेचने के मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। शिवपुरी एसडीएम को हुई एक शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने एसडीएम के पत्र पर सरकारी जमीन को बेचने के मामल में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने नगर पालिका से फर्जी एनओसी बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया और पूरे मामले की जांच पहले एसडीएम ने की थी, जांच के बाद ही संबंधित पर प्रकरण दर्ज कराए गए है।

भू-माफियाओं ने बनवाई फर्जी एनओसी

बताया जा रहा है कि पटवारी आनंद यादव ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि शहर के फिजिकल क्षेत्र स्थित झींगूरा में 2700 वर्ग फीट जमीन जो कि शासकीय थी, उस जमीन का कुछ लोगों ने नगर पालिका से फर्जी एनओसी बनाकर लाखों रुपए में विक्रय कर दिया। इस जमीन को भू-माफिया बद्री धाकड़ व मंजू पत्नी सतीश अग्रवाल ने खरीदा था। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने भी इस जमीन को औने-पौने दामों में खरीदा था। बाद में किसी एडवोकेट ने एसडीएम उमेश कौरव के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि शासकीय जमीन को बेचा गया है।

एसडीएम की जांच में हुआ खुलासा-

शिकायत के बाद मामले की जब एसडीएम ने जांच कराई तो भूमि शासकीय निकली। इस मामले में एसडीएम ने चार दिन पूर्व ही क्रेता, विक्रेता, दलाल व गवाहों सहित अन्य पर केस दर्ज करने के आदेश सीएमओ नगर पालिका को दिए थे, लेकिन जब नगर पालिका ने मामले में केस दर्ज नहीं कराया तो एसडीएम ने पटवारी को कोतवाली पहुंचाकर जमीन को बेचने वाले सीताराम गौड़, विजय गौड़, कन्हैया गौड़, रवि विश्वकर्मा, धन्नो गौड़, आनंदी गौड़, महादेवी विश्वकर्मा, राजेश कुशवाह, रामनिवास रावत सहित अन्य आरोपीगण पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।

इस मामले में दो लोगों पर अभी भी नहीं हुई एफआईआर-

बताया जा रहा है कि पूर्व एसडीएम ने के्रताओं पर भी इस मामले में कार्रवाई के लिए लिखा था लेकिन इन्हें अब बचा लिय गया है। बताया जा रहा है कि पूरे मामले से क्रेता बद्री धाकड़ व मंजू पत्नी सतीश अग्रवाल को इस मामले से अचानक से अलग कर दिया गया। ऐसे में शहर में चर्चा है कि सांठगांठ कर इन बड़े कॉलोनाइजरों के नाम मामले से हटाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि हमने एसडीएम कार्यालय से आए प्रतिवेदन पर कुछ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। मामले में विवेचना के बाद आरोपियों की संख्या व धाराएं बढ़ सकती है।

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