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आरक्षण के बाद पंचायत व निकाय चुनाव की तस्वीर साफ

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-08 महिलाए पार्षद चुनी जाकर पहुचेंगी नगर परिषद में
-72 ग्राम पंचायत में 35 महिलाए आरक्षण के बाद बनेगी सरपंच।

देवेश पाण्डेय सिलवानी रायसेन

त्रिस्तीय पंचायत व नगरीय निकाए में आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद चुनाव को लेकर दावेदारो के द्वारा अपनी तैयारियां करनी प्रारंभ कर दी है। गांवो की चौपालो पर भी चुनाव की चर्चाए सुनी जाने लगी है। तय समय से करीब दो साल बाद होने जा
रहे पंचायत व नगरीय निकाए आगामी वर्ष प्रदेष में होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमी फायनल माना जा रहा है। हालांकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की
तारीखो का एलान चुनाव आयोग के द्वारा किया जा चुका है। जवकि नगरीय निकाए चुनाव की डुगडुगी नही बजना अभी बाकी है बावजूद भी दावेदार सक्रिय होकर
चुनावी गुणा भाग लगाने लगे है।

सिलवानी नगर परिषद गठन के बाद तीसरी बार चुनाव होगें। 15 वार्डो में विभाजित नगर परिषद के 8 वार्ड विभिन्न वर्गो की महिलाओं के लिए सुरक्षित रखे गए है। इसे अतिरिक्त अन्य वार्डो से भी महिलाए चुन कर परिषद में अपना स्थान दर्ज करा सकती है। हालांकि निकाए चुनाव के तहत वार्डो का आरक्षण होते ही अनेक दावेदारो के चेहरे मुरझा गए है उनके बार्ड अन्य वर्ग के लिए आरक्षित हो जाने से वह अपना ठिकाना किसी नए बार्ड को बनाने के लिए मशक्कत करते हुए देखे जा रहे है।नगर परिषद का दो साल कर बगैर परिषद गठन का कार्यकाल सुर्खियों में रहेगा। कारण कि इस दौरान नगर में कोई भी निर्माण कार्य नही हो सके। सड़क,नाली, स्वच्छता के मामले में दो साल तक खास उपलब्धि हासिल नही हो सकी। हालांकि इस दौरान लाखो रुपए खर्च किए गए ।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीखो का एलान हो चुका है इसी के साथ हीआदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। तीन इन चरणो में चुनाव संपन्न कराए जाना हैं। जनपद क्षेत्र में 2 जिला पंचायत वार्ड, 19 जनपद वार्ड, 72 ग्राम पंचायत व 1175 ग्राम पंचायत बार्ड शामिल है। जिनमे कि चुनाव संपन्न
कराए जाएगे। हालांकि संपूर्ण ग्राम पंचायत को निर्विरोध चुने जाने पर
मुख्यमंत्री के द्वारा विकास कार्य के लिए लाखो रुपए दिए जाने की धोषणा की गई है। अव देखने लायक यह बात होगी कि कितन ग्राम पंचायत निर्विरोध चुनी जाएगी। हालांकि राजनैतिक अहम निर्विरोध निर्वाचन में हमेशा आड़े आता रहा है।
अनारक्षित मुक्त होगी जनपद अध्यक्ष

जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए भी आरक्षण किया जा चुका है। इस बार जनपद अध्यक्ष की कुर्सी अनारक्षित मुक्त रखी गई है। कोई भी महिला व पुरुष चाहे वह किसी भी वर्ग का हो वह जनपद अध्यक्ष बनने की रेस में शामिल हो सकता है। बीते पंच वर्षीय जनपद
अध्यक्ष का कार्यकाल भी महिला अध्यक्ष़्ा के द्वारा पूर्ण किया गया था।
कयास लगाए जा रहे है कि राजनैतिक बरदहस्त प्राप्त व जनता के बीच बेहतर छबि वला निर्वाचित जनपद सदस्य ही जनपद अध्यक्ष बनेगा।

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