15 दिन में सिर्फ एक झमाझम बारिश, सूख रहे खेत; ट्यूबवेल भी दे रहे जवाब, उत्पादन घटने की आशंका
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 से लगे दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, बालमपुर सहित आसपास के करीब 50 गांवों में मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून आए हुए 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन क्षेत्र में अब तक केवल एक बार ही झमाझम बारिश हुई। इसके बाद बारिश नहीं होने से खेत सूखने लगे हैं और धान की रोपाई का काम लगभग ठप पड़ गया है।
धान की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर होने के कारण किसान समय पर रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। कई किसानों ने मजबूरी में ट्यूबवेल के सहारे खेतों में पानी भरने की कोशिश की, लेकिन लगातार पानी निकालने से अब ट्यूबवेल भी जवाब देने लगे हैं। किसानों का कहना है कि दिनभर खेत में पानी भरने के बाद सुबह तक खेत फिर सूख जाते हैं।
क्षेत्र के किसान दिनेश साहू, सुरेश साहू, मुकेश साहू, आकाश साहू, जितेंद्र साहू, अमित मीणा, निवास मीणा, मुकेश अहिरवार और संजीव साहू ने बताया कि इस बार अभी तक इतनी बारिश नहीं हुई कि धान की रोपाई शुरू की जा सके। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की खेती बुरी तरह प्रभावित होगी और उत्पादन ना के बराबर रह सकता है।
किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत, डीजल और बिजली खर्च के बीच ट्यूबवेल से सिंचाई करना भी आसान नहीं है। ऐसे में अब उनकी उम्मीदें केवल अच्छी बारिश पर टिकी हैं। यदि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो हजारों एकड़ में धान की फसल प्रभावित होने के साथ किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मैंने एक महीने पहले अपने खेत में धान के गड़े बना लिए थे ताकि 15 जून के बाद जैसे ही बारिश होगी तो धान रोपाई का कार्य प्रारंभ कर देंगे लेकिन एक महीने से ज्यादा का समय हो गया अभी तक झमाझम बारिश नहीं हुई।
जितेंद्र साहू स्थानीय निवासी अंबाडी
झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं। ताकि धान रोपाई का कार्य प्रारंभ कर दे, एक महीने पहले धान का रोप लगा दिया था। लेकिन बारिश नहीं होने से धान की रोपाई नहीं करवा पा रहे हैं धान का रोप काफी बड़ा हो गया है। जिससे अब खराब होने लगा है। रघुवीर सिंह मीणा किसान