एसडीएम की अनुपस्थिति से नाराज किसानों ने डेढ़ घंटे दिया धरना, तहसीलदार को सौंपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ई-टोकन आधारित खाद वितरण व्यवस्था से नाराज किसानों ने शनिवार को क्रांतिकारी किसान संगठन के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था समाप्त करने सहित विभिन्न मांगें उठाईं।
ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि ई-टोकन खाद वितरण प्रणाली तत्काल समाप्त की जाए, ताकि किसानों को बिना अनावश्यक प्रक्रिया और विलंब के खाद उपलब्ध हो सके। इसके अलावा मूंग की 100 प्रतिशत तुलाई सुनिश्चित करने, जिला सहकारी बैंक के माध्यम से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वितरित करने, सब्जी उत्पादक किसानों की सुविधा के लिए व्यवस्थित सब्जी मंडी स्थापित करने, आवारा मवेशियों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने तथा किसानों को 24 घंटे नियमित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
एसडीएम की अनुपस्थिति पर जतायप आक्रोश
ज्ञापन सौंपने से पूर्व बड़ी संख्या में किसान एसडीएम कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। निर्धारित सूचना के बावजूद एसडीएम हर्षल चौधरी के कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर किसानों ने नाराजगी जताई। किसान नेता मुकेश धाकड़ ने कहा कि जब प्रशासन को पहले से ज्ञापन की जानकारी थी, तो एसडीएम को किसानों से मिलने के लिए उपस्थित रहना चाहिए था। एसडीएम की अनुपस्थिति से आक्रोशित किसानों ने करीब डेढ़ घंटे तक एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना दिया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों से मोबाइल पर चर्चा होने के बाद किसानों ने तहसीलदार अमृता सुमन को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान किसानों ने कहा कि खाद वितरण की वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को अत्यधिक परेशान कर दिया है और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। ज्ञापन कार्यक्रम में किसान नेता मुकेश धाकड़, गिरिजाशंकर गौर, हेमंत गुर्जर, प्रदीप, देवेंद्र ठाकुर, राजेश ठाकुर, अभिषेक यादव, महेश यादव, सौरभ ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।